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मैंने परिवार की खातिर छोड़ा टेस्ट क्रिकेटः फ्लिंटॉफ

मैंने परिवार की खातिर छोड़ा टेस्ट क्रिकेटः फ्लिंटॉफ

एंड्रयू फ्लिंटॉफ के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेकर कई लोगों को हैरान कर दिया लेकिन इंग्लैंड के इस आलराउंडर का कहना है कि लगातार चोटिल होने के कारण उनके पास विकल्प नहीं बचे थे और उन्होंने अपने परिवार की खातिर यह फैसला किया।

आस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज सीरीज के बाद टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहने वाले 31 वर्षीय फ्लिंटॉफ ने कहा कि मैंने पिछले चार साल में से लगभग दो साल चोटों से उबरने में ही बिता दिए और इसलिए अपने शरीर और परिवार की खातिर मैंने टेस्ट मैचों से संन्यास लेने और क्रिकेट के छोटे प्रारूपों पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया।

फ्लिंटॉफ ने कहा कि तेज गेंदबाजी से उनके शरीर पर बहुत दबाव पड़ता है जिससे निबटना उनके लिए काफी मुश्किल भरा होता है। उन्होंने कहा कि लाडर्स में अधिकतर समय मैं गेंदबाजी करते हुए असहज महसूस कर रहा था हालांकि यह किसी भी समय इस स्तर पर नहीं पहुंचा जहां मैं सोचता कि यह यह मेरा अंतिम टेस्ट मैच होगा।

फ्लिंटॉफ ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण से पहले ही जब वह युवा थे तब चोटों से उनका नाता जुड़ गया था। यहां तक कि जब मैं किशोर था तब भी मुझे समय-समय पर चोटों से जूझना पड़ा इसलिए आप यह कह सकते हो कि मैं इसका आदी हूं।

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