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मौसम की सटीक जानकारी के लिए रडार

मौसम की सटीक जानकारी के लिए रडार

राष्ट्रमंडल खेल के दौरान मौसम विलन की भूमिका नहीं निभा पायेगा क्योंकि पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने मौसम की सटीक भविष्यवाणी के लिए अत्याधुनिक रडार स्थापित करने के साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 60 स्वचालित मौसम स्टेशन (एडब्ल्यूएस) गठित करने की योजना बनाई है।

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव डॉ़ शैलेश नायक ने बताया भारतीय मौसम विभाग के मौसम की भविष्यवाणी तकनीक को समन्वित किया जायेगा और दिल्ली के हर एक क्षेत्र के बारे में प्रत्येक घंटे आकलन पेश किया जायेगा।

उन्होंने कहा  अभी हमारे पास एक रडार मौजूद है और जल्द ही हम एक और रडार खरीदने जा रहे हैं ताकि राष्ट्रमंडल खेल के दौरान मौसम के उतार-चढ़ाव के बारे में सटीक आकलन करने में मदद मिले। जब उनसे पूछा गया कि क्या नये रडार (डापलर) की स्थापना दिल्ली में पालम क्षेत्र के पास की जायेगी तो उन्होंने कहा  आईएमडी के पास भूमि की कमी नहीं है और नये रडार की स्थापना के लिए पालम संभावित स्थल हो सकता है।

नायक ने कहा कि भारतीय मौसम विभाग के पुराने उपकरणों को अत्याधुनिक शक्ल दिया जा रहा है और मौसम के बारे में प्रत्येक घंटे सटीक आकलन करने के लिए 60 स्वचालित मौसम स्टेशनों की स्थापना की जायेगी।

नायक ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 60 अत्याधुनिक स्वचालित मौसम स्टेशन (एडब्ल्यूएस) की स्थापना राष्ट्रमंडल खेल के दौरान सभी 14 स्थलों एवं प्रशिक्षण शिविरों के लिए मौसम की सटीक भविष्यवाणी के उद्देश्य से की जा रही है। गौरतलब है कि अभी दिल्ली में तीन स्वचालित मौसम स्टेशन परिचालन में हैं।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रमंडल खेल में आईएमडी अलग-अलग स्थलों के लिए विशिष्ट सूचना का बुलेटिन जारी करेगी। इसके अतिरिक्त क्षेत्रवार आर्दता, तापमान, बादलों की स्थिति, एथलीटों के लिए हवा का वेग और मौसम के उताऱ-चढ़ाव का भी ब्यौरा पेश किया जायेगा। नायक ने कहा नये रडार का उपयोग ओलावृष्टि और बिजली गिरने के बारे भविष्यवाणी के लिए किया जायेगा।

राष्ट्रमंडल खेल के लिए कम समय शेष रहने और नया रडार स्थापित नहीं होने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा राष्ट्रमंडल खेल के लिए अभी भी एक वर्ष दो महीने शेष है और रडार एवं अन्य हार्डवेयर स्थपित करने में छह से आठ महीने का समय लगेगा। नायक ने कहा हमें पूरा विश्वास है कि पूरी व्यवस्था अगले वर्ष मई -जून तक तैयार हो जायेगी।

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