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कारगिल विजय के 10 साल, पीएम ने दी श्रद्धांजलि

कारगिल विजय के 10 साल, पीएम ने दी श्रद्धांजलि

कारगिल युद्ध में विजय की दसवीं वर्षगांठ के मौके  पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने युद्ध में शहीद हुए जवानों को रविवार को श्रद्धांजलि दी । यह ऐसा पहला मौका है जब संप्रग राजनीतिक नेतृत्व ने ऐसे समारोहों में हिस्सा लिया है।

‘अमर जवान ज्योति’ की आगंतुक पुस्तिका में प्रधानमंत्री ने लिखा, कारगिल युद्ध के शहीदों को मैं पूरे देश के साथ मिल कर श्रद्धांजलि दे रहा हूं। भारत की एकता और संप्रभुता की सुरक्षा के लिए उन्होंने अपने जीवन की बलि चढ़ा दी ।

उन्होंने आगे लिखा, देश के इन वीर शहीद आधिकारियों और जवानों को सच्ची श्रद्धांजलि हम तभी दे सकते हैं जब हम राष्ट्र निर्माण और अपने देश की एकता तथा संप्रभुता की सुरक्षा के लिए हम अपने आप को इसके प्रति समर्पित करें ।

कारगिल संघर्ष के दौरान कांग्रेस ने भाजपा की अगुवाई वाली तत्कालीन राजग सरकार पर उसकी चूक के लिए जमकर हमला बोला था जिससे पाकिस्तानी सैनिकों ने हमला कर दिया और 13 पर्वतीय शिखर को उनसे खाली कराने में कम दो महीने तक जंग लड़नी पड़ी थी। यह ऐसा पहला मौका है जब संप्रग गठबंधन के प्रधानमंत्री ने इस समारोह में हिस्सा लिया है।

इस दौरान प्रधानमंत्री के साथ रक्षा मंत्री एके एंटनी, नौसेना प्रमुख एडमिरल सुरीश मेहता, सेना के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल एन थंबीदुराज और वायुसेना उपाध्यक्ष एयर मार्शल पीके बारबोरा मौजूद थे।


इस समारोह में हिस्सा लेने के तत्काल बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह विशाखापत्तनम के लिए रवाना हो गए जहां वह अत्याधुनिक परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत को समुद्री परीक्षण के लिए झंडी दिखायेंगे। वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तानी सैनिकों के कब्जे से 13 पहाड़ियों को फिर से कब्जा करने में कम से कम 533 जवानों और अधिकारियों ने अपने-अपने जीवन का बलिदान कर दिया था।

कारगिल में पर्वत की चोटियों पर कब्जा जमाये दुश्मनों को वहां से हटाने के लिए वायु सेना ने इस लड़ाई में ऑपरेशन सफेद सागर चालाया था। इस लड़ाई में वायु सेना को दो मिग-27 और एक एमआई-17 हेलीकॉप्टर का नुकसान हुआ था।

ऑपरेशन विजय की दसवीं वर्षगांठ पर सेना कारगिल और द्रास सेक्टर में कई समारोहों का आयोजन कर रही है। इन समारोहों में कारगिल की लड़ाई में हिस्सा लेेने वाले अधिकारी, शौर्य पुरस्कार विजेताओं तथा उनके परिजनों और सेना के वरिष्ठ अधिकारी शिरकत कर रहे हैं।

सैन्य अधिकारी ने कहा, इन समारोहों में सेना और वायुसेना के जवानों को उन चोटियोंं पर हेलीकॉप्टर के जरिए उतारा जाएगा जिन्हें भारतीय सैनिकों ने फिर से अपने कब्जे में लिया था । इन समारोहों के मुख्य आकर्षण में फोटो प्रदर्शनी, बीटिंग रिट्रीट और चोटियों पर रोशनी शामिल है।

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