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सप्ताह के व्रत-त्योहार(26 जुलाई से 1 अगस्त तक)

26 जुलाई (रविवार) को श्री नाग पंचमी, नाग पूज एवं नाग कूप यात्रा, तक्षक पूज, गोबर आदि से भित्ति पर बने नागों की पूज, श्री हनुमान जी का ध्वजरोहण, ग्राम-ग्राम में विविध प्रकार के व्यायामों का प्रदर्शन, नाग दृष्ट पंचमी व्रत, कल्कि जयंती (सायाह्न व्यापिनी षष्ठी में) वर्ण श्रयाल षष्ठी व्रत और बुध उदय पश्चिम में।

नाग पंचमी : इस दिन सर्पो को दूध से स्नान और पूजन कर दूध पिलाने से वासुकी कुण्ड में स्नान करने, मकान के मुख्य द्वार के दोनों तरफ गोबर के सर्प बनाकर दधि, दूर्वा, कुशा, गन्ध, चावल, फूल, मोदक तथा मालपुआ आदि से पूज करके और ब्राह्मणों को भोजन कराकर एकभुक्त व्रत करने से घर में सर्पो का भय नहीं होता है। यदि ú कुरू कुल्ये हुं फट् स्वाहा के परिमित जप करें तो सर्प विष दूर होता है।

27 जुलाई (सोमवार) को रोटक व्रतारम्भ। सोमेश्वर पूजन। श्रवण सोमवार व्रत।

28 जुलाई (मंगलवार) को श्री शीतला सप्तमी पूजन। तुलसीदास जयंती। भौम व्रत। पापनाशिनी सप्तमी। गौरी दुर्गा पूज। संकट मोचन। श्री दुर्गा जी की यात्रा एवं दर्शन।

29 जुलाई (बुधवार) को श्री दुर्गाष्टमी व्रत। श्रीवर महालक्ष्मी व्रत (द. भारत)। श्री पवित्रारोपण। बुधाष्टमी पर्व।

दुर्गाष्टमी व्रत : व्रती प्रात:काल स्नानादि नित्यकर्म करके पुन: स्नान करे तथा भीगे हुए वस्त्रों से ही भगवती देवी को स्नान कराके खीर का भोग लगाकर तथा स्वयं भी इसी का एक बार भोजन करे तो भगवती दुर्गा प्रसन्न होती हैं।

30 जुलाई (बृहस्पतिवार) को बुध ¨सह राशि में।

31 जुलाई (शुक्रवार) को गुरु वक्री मकर राशि में।

1 अगस्त (शनिवार) को पुत्रदा एकादशी व्रत (सबका)। पवित्रा एकादशी। लोकमान्य तिलक पुण्य तिथि।

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