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बिना मान्यता के चल रहे हैं उन्नीस फर्जी संस्कृत विद्यालय

वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से अपनी संबद्धता बताते हुए फर्जी ढंग से चल रहे 19 विद्यालयों का पता चला है जिनकी सूची और वैधानिक स्थिति संबंधी ब्यौरा शासन को भेज दिया गया है । ऐसे सर्वाधिक छह विद्यालय इलाहाबाद में, चार विद्यालय वाराणसी में, तीन जौनपुर में, दो गाजीपुर में तथा बाराबंकी, रायबरेली, प्रतापगढ़ और आजमगढ़ में एक—एक विद्यालय हैं ।

विश्वविद्यालय के सूत्रों ने बताया कि इन विद्यालयों में निचली कक्षाओं तक के संचालन को अस्थायी तौर पर पूर्व में अल्पकालिक संबद्धता दी गई थी । लेकिन बाद में ये विद्यालय शास्त्री से लेकर आचार्य तक के लिए विश्वविद्याल से फार्म हासिल कर हर वर्ष विद्यार्थियों को परीक्षा दिलवाते रहे। इन विद्यालयों ने शासन से अनुदान और विशेष वित्तीय सहायता के लिए आवेदन भी किया था ।

उसी क्रम में शासन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से संबद्ध तीन सौ से अधिक कालेजों का ब्यौरा मांगा था । इनमें से प्राथमिक तौर पर 29 विद्यालयों की संबद्धता को संदेहास्पद बताते हुए शासन को सूची भेजी गई । शासन के आदेश पर ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने चार सदस्यीय कमेटी से 29 विद्यालयों की संबद्धता की जांच कराई ।

कमेटी ने पाया कि 19 विद्यालयों के पास तो मान्यता ही नहीं है। रिपोर्ट मिलते ही कुलपति ने इसे कार्रवाई के लिए शासन को अग्रसारित कर दिया है। कुलसचिव प्रो गंगाधर पंडा ने कहा कि इनके खिलाफ शासन अपने स्तर पर कार्रवाई करेगा।

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