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दफ्तर के कायदे

आधुनिक दुनिया में युवाओं की भागीदारी ज्यादा है। आज का युवा अपनी दिनचर्या का अधिकांश समय अपने कार्यस्थल में बिताते हैं। दफ्तर में अपनी तरह के तनाव होते हैं। वह आपके स्वास्थ्य पर ही नहीं बल्कि, आपके प्रदर्शन पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। तनाव से एकाग्रता में कमी, अनिद्रा, पीठ दर्द, दुर्घटनाओं और समय की बर्बादी का सबसे बड़ा कारण है।

हमेशा अपने काम पर ध्यान केंद्रित करें। आपको जो जिम्मेदारी दी गई है, उसकी उत्पादकता और गुणवत्ता पर ध्यान दें।

ऑफिस में किसी सहकर्मी के बारे में उसकी अनुपस्थिति में बात न करें।

हमेशा ऑफिस समय से पहले पहुंचें। इसलिए सुबह थोड़ा जल्दी उठें। इससे आपके दिन की अच्छी शुरुआत होगी।

हमेशा फिट रहने की कोशिश करें। आपकी जिम्मेदारी है कि जब आप ऑफिस पहुंचते हैं तो कैसे स्वस्थ और सक्रिय रहते हुए काम को बखूबी निपटाते हैं।

आपका चुनाव इसलिए हुआ है कि आप में टैलेंट, काम के प्रति समर्पण और पर्याप्त योग्यता है। इसलिए हमेशा तैयार रहें।

हर 20-25 मिनट पर एक ब्रेक लें। इस दौरान सीट से उठकर कुछ देर घूम लें। इस बीच कुछ अलग करें क्योंकि इससे आप रिफ्रेश होंगे।

अपने काम का एक प्रारूप तैयार करें। आपको क्या-क्या काम करने हैं, इसकी रूपरेखा खुद तय करें।

ऑफिस में अगर आपको लगता है कि कोई सहकर्मी आपके खिलाफ हो गया है तो उससे मित्रता गांठने की प्रयास करें।

अगर आपका बॉस आपके काम से खुश नहीं है तो नियत समय पर काम को कुशलतापूर्वक करने की कोशिश करें।

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