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नाइट एट दि म्यूजियम 2

नाइट एट दि म्यूजियम 2

सितारे : बेन स्टीलर, एमी एडम्स, ऑवन विलसन, रॉबिन विलियम्स, क्रिस्टोफर गेस्ट, हैंक अजरिया, स्टीव कूगान
निर्माता/ बैनर :  शॉन लिवाय, क्रिस कोलंबस, माइकल बरनाथन/ 20 सेंचुरी फॉक्स
निर्देशक : शॉन लिवाय
लेखक : रॉबर्ट बेन गेरान्ट
पटकथा :  थॉमस लेनन
संगीत : एलान सिल्वेस्ट्री

कहानी :  दो साल बाद भी लैरी डाले (बेन स्टीलर) को अमेरिकी म्यूजियम में बिताई वो पहली रात अच्छी तरह से याद है, जब उसका सामना जीवित हो उठी संग्रहालय की चीजों से हुआ था। हालांकि जब संग्रहालय को मरम्म्त के लिए बंद करना पड़ा तो एक बार फिर लैरी को उन तमाम चीजों के साथ-साथ कुछ नए मेहमानों से भी मुकाबले के लिए तैयार रहना चाहिये था। पर लैरी को नहीं पता था कि संग्रहालय में आने वाले नए मेहमान पहले के मुकाबले ज्यादा ताकतवर और दिलचस्प होंगे, क्योंकि जेडेडियाह (ऑवन विलसन) और  ऑक्टेवियस (स्टीव कूगान) उसे खतरे में डालने के सारे काम कर चुके थे। संग्रहालय से गायब होने के बाद लैरी को उन्हें ही ढूंढ़ना था। लैरी के साथ-साथ टैडी रूजवेल्ट (रॉबिन विलियम्स) को भी उन सभी चीजों के वापस आने की चिंता है, जो संग्रहालय से गायब हो चुकी हैं। इन्ही चीजों की तलाश में लैरी की मुलाकात एमिलिया इयरहार्ट (एमी एडम्स) से होती है, जो पहली ही नजर में उस पर मर मिटती है। एमिलिया बात-बात में लैरी को अपने हैरतअंगेज कारनामों के बारे में बताती रहती है। यही नहीं, यहां लैरी का इंतजार तो कह्मूनरा (हैक अजरिया), नेपोलियन बोनापार्ट (एलाइन कबाट) और इवान (क्रिस्टोफर गेस्ट) जैसे लोग भी कर रहे हैं। यह सारी कवायद उस टैबलेट को पाने की है, जिसके पीछे कह्मूनरा लगा है और उसने अपने साथ इवान और नेपोलियन को भी मिला लिया है। लेकिन हर मुश्किल कदम पर एमिलिया लैरी की मदद करती है। यही नहीं, उसकी मदद में अमेरिकी राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन भी हैं, जो दुश्मनों पर मौत बनकर टूट पड़ते हैं।  हालांकि लैरी की मदद के लिए जेडेडिया और ऑक्टेवियस भी आगे आते हैं, लेकिन वो हर बार उसे मुश्किल में डाल देते हैं।

निर्देशन : इसमें कोई दो राय नहीं कि यह फिल्म अपने पहले भाग से भी ज्यादा रोमांचक है, जिसकी मनोरंजक नब्ज को अच्छी तरह से भांपा है निर्देशक शॉन लिवाय ने। पहले के मुकाबले चार गुना किरदारों को उन्होंने दर्शकों से काफी अच्छे से रू-ब-रू करवाया है। यही वजह है कि कहानी लैरी के आस-पास घूमने के बावजूद उन तमाम किरदारों के ज्यादा करीबी लगती है, जिनकी भूमिका फिल्म में सैकेंड लीड के रूप में है। एक मनोरंजक पटकथा के साथ उन्होंने बेहद कसा हुआ निर्देशन किया है, जिससे रोमांच बना रहता है।

अभिनय : बेन स्टीलर पूरी फिल्म में छाए रहे। जब बंदर उन पर चांटों की बरसात करते हैं तो वह इस बार बेबस नहीं, बल्कि एक हमलावर के रूप में उनसे प्रतियोगिता सी करते दिखते हैं, जिससे लोगों को हंसी आती है। एमिलिया के किरदार को एमी एडम्स ने काफी अच्छे से पेश किया है, तो उधर ऑवन विलसन भी काफी अच्छे लगे हैं।

क्या है खास : संग्रहालय में शामिल नए किरदार, दि थिंकर का डोले चमकाकर महिला मूर्ति को इम्प्रेस करना, मूर्ति के रूप में लिंकन, टेबलेट का रहस्य और आदमकाय नकली ऑक्टोपस आदि।

क्या है बकवास : लैरी ने जेडेडियाह को काफी देर तक रेत के नीचे दबाए रखा। एक बार हाथ में आने के बाद वह उसे काफी पहले छुड़ा सकता था।

पंचलाइन : म्यूजियम की यह रात पहले से ज्यादा रोमांच से भरपूर है।

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  • Web Title:नाइट एट दि म्यूजियम 2