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गोमुख के मुहाने पर कांवडियों ने छोड़े गंदे कपड़े

-नेशनल पार्क के पर्यावरण को किया प्रदूषित
-ग्लेशियर के लिए नुकसानदेय है कचरा
-पार्क प्रशासन ने किया सफाई का दावा
-पर्यावरण प्रेमी चिंतित, नियमों पर उठी अंगुली

 

गोमुख के मुहाने पर कांवडियों द्वारा छोड़े गये गंदे कपड़े व अन्य कूड़ा-करकट ग्लेशियरों के लिए नुकसानदेय साबित हो रहा है। इससे नेशनल पार्क का पर्यावरण भी प्रदूषित हो रहा है।


गोमुख क्षेत्र में कांवड़ लेने पहुंचे अनियंत्रित कांवड़ियों ने जल भरने से पहले गोमुख क्षेत्र में खूब कचरा फैलाया। गोमुख में गंदे कपड़ों के अलावा प्लास्टि व शराब की बोतलें जगह-जगह फेंकने से पर्यावरण को प्रदूषित किया गया है। गोमुख ग्लेशियर के मुहाने पर कांवडियों द्वारा लगभग पांच बोरों से अधिक शरीर से पतित्याग किए गये गंदे कपड़े फेंके गये। उल्लेखनीय है कि प्रतिबंध के बावजूद 150 लोगों की निर्धारित आवाजही को इस बार भी कांवडियों ने ठेंगा दिखाते हुए बलक के साथ पहुंचे। कनकू बैरियर से ही कांवडियों ने गंदगी फेंकी गयी। जबकि चीड़वासा, भोजवासा व गोमुख तक टनों के हिसाब से जगह-जगह कूड़ा-कचरा फेंका गया है। कांवडियों द्वारा फेंगे गये कपड़ों को यदि वन विभाग शीघ्र डंप नहीं करता तो इससे बीमारी फैलने की भी आशंका है। पर्यावरण प्रेमी द्वारिका प्रसाद, प्रताप पोखरियाल, डा.महेन्द्र पाल सिंह ने बताया कि गंदे कपड़े व प्लास्टिक का कचरा उच्च हिमालय क्षेत्र के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। उन्होंने क्षेत्र में सघन पर्यावरण जगरुकता अभियान चला कर कूड़े को साफ करने की बात कही। जबकि वन विभाग के उप निदेशक आईपी सिंह ने बताया कि वन कर्मियों की मदद से उक्त गंदे कपड़े व अन्य कचरा एकत्रित किया ज रहा है। उन्होंने स्वीकारा कि कांवड़ियों ने जगह-जगह कूड़ा फैला कर गंगोत्री नेशनल पार्क को नुकसान पहुंचाया है। इधर गोमुख के अलावा गंगोत्री धाम व मार्ग पर भी जगह-जगह कांवडियों ने गंदगी के ढेर लगाये हुए हैं।

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  • Web Title:गोमुख के मुहाने पर कांवडियों ने छोड़े गंदे कपड़े