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उत्तराखण्ड में दौड़ रही हैं सवा नौ लाख गाड़ियां

पर्वतीय राज्य उत्तराखण्ड में पहाड़ी नागिन के नाम से मशहूर टेढी मेढी उंची नीची सड़कों पर नौ लाख 21 हजार छोटी बड़ी गाडि़यां बारहा महीने दौड़ रही हैं, जबकि राज्य के बाहर से आने वाले वाहनों की संख्या इसमें शामिल नहीं है ।
    
सरकारी आंकड़ों के अनुसार राज्य की कुल आबादी करीब 86 लाख है । इस हिसाब से औसतन नौ व्यक्तियों पर एक वाहन सड़कों पर दौड़ रहा है ।राज्य में अकेले गत वर्ष ही 93 हजार 451 वाहनों का पंजीकरण किया गया, जबकि वर्ष 2007 -08 में यह संख्या 96 हजार 905 थी । सड़कों पर भारी दबाव बनने के चलते राज्य सरकार ने बाहर से आने वाले और पहाड़ी मांगो पर यात्रा करने वाले वाहनों के लिये विशेष पर्वतीय परमिट की व्यवस्था की है ।

उत्तराखण्ड परिवहन विभाग द्वारा पेश की गयी रिपोर्ट में बताया गया है कि गत वर्ष राज्य में सार्वजनिक वाहनों से कुल 177 घटनायें हुई, जिनमें 419 यात्रियों की मत्यु हुयी और 1121 यात्री घायल हुये। मृतकों के परिजनों और घायलों को नियम के अनुसार पचास-पचास और बीस -बीस हजार रूपये सहायता राशि दी गयी ।

राज्य की पहाड़ी सड़कों पर चलने के लिये जहां सवा नौ लाख वाहन राज्य में ही पंजीकृत हैं, वहीं करीब दो लाख वाहन प्रतिवर्ष बाहर से आते हैं, जिनमें भारी संख्या में कांवरिये, तीर्थ यात्री और पर्यटक शामिल होते हैं । रिपोर्ट के अनुसार राज्य में हुई सड़क दुर्घटना की बढ़ती संख्या का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि गत वर्ष मुआवजे के रूप में राज्य सरकार ने दुर्घटना के शिकार लोगों को 23 करोड़ 28 लाख 20 हजार रूपये दिये । हालांकि राज्य में गत वर्ष विभिन्न माध्यमों से परिवहन विभाग में 163 करोड़ 60 लाख रूपये राजस्व की प्राप्ति हुई और चालू वित्त वर्ष में 203 करोड़ रूपये का लक्ष्य रखा गया । राज्य में अवैध ढंग से चलने वाले वाहनों की संख्या भी काफी अधिक है । गत वर्ष दो लाख 24 हजार 690 वाहनों की जांच की गयी, जिनमें अवैध ढंग से चलाये जा रहे 28 हजार 431 वाहनों का चालान किया गया और उनसे 14 करोड़ बीस लाख रूपये टैक्स के रूप में तथा 37 करोड़ 17 लाख रूपये दण्ड के रूप में वसूले गए । रिपोर्ट में बताया गया कि राज्य में वाहन दुर्घटनाओं को रोकने के लिये कई कदम उठाये गये हैं, जिनमें वाहनों से म्यूजिक सिस्टम हटाने की कार्रवाई शामिल है । रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया कि राज्य का परिवहन विभाग गत वर्ष 12 करोड़ 77 लाख रूपए घाटे में था ।

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  • Web Title:उत्तराखण्ड में दौड़ रही हैं सवा नौ लाख गाड़ियां