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कांशीराम आवासीय योजना किसके लिए?

कांशीराम आवासीय योजना के लिए पात्रता का पैमाना क्या है, अधिकतर लोग इसी बात में उलझ कर रह गए है। भ्रम में शहरी क्षेत्र के सेक्टरों में रहने वाले कुछ लोगों ने पहले फ्लैट के लिए आवेदन किया था। लेकिन, अधिकारियों ने ऐसे आवेदनों को अमान्य घोषित कर दिया। अब, आवेदन की अंतिम तिथि निकलने के बाद भी फ्लैट के लिए पर्याप्त आवेदन नहीं आया तो परियोजना विभाग नगर पंचायत क्षेत्र में स्थित सेक्टर के लोगों को भी शामिल करने का मन बना रहा है।


वर्ष 2008 में प्रदेश सरकार ने नगर पंचायत क्षेत्रों के गरीबों के लिए कांशीराम शहरी गरीब आवासीय योजना लाई थी। योजना के तहत ग्रेटर नोएडा और नोएडा में 1000 फ्लैट बनकर तैयार है। फ्लैट आवंटन के लिए डिस्ट्रिक्ट अर्बन डेवलपमेट अथॉरिटी (डूडा) ने पात्र लोगों से आवेदन मंगाया था। आवेदन करने के लिए लोगों को 40 दिनों का समय दिया गया था। अंतिम तिथि तक डूडा कार्यालय में एक हजर फ्लैटों के लिए केवल 750 आवेदन पहुंचे। पर्याप्त आवेदन की कमी के कारण सीडीओ ने आवेदन की अंतिम तिथि 20 जुलाई से बढ़ाकर जुलाई अंत तक कर दिया है। बावजूद आवेदनों की कमी है।


फ्लैटों के लिए आवेदनों की कमी के कारण अधिकारी अब नगर पंचायत क्षेत्रों के सेक्टर वासियों को भी इसमें शामिल करने का मन बना रहे हैं। इस मामले में सीडीओ सारिका मोहन का कहना है कि लोगों को इस योजना की पात्रता के बारे में थोड़ा भ्रम है। सेक्टर में रहने वाले लोगों ने यह धारणा बना ली कि यह योजना उनके लिए नहीं है। लेकिन, नगर पंचायत क्षेत्र में यदि सेक्टर है तो ऐसे सेक्टरों में रहने वाले गरीब परिवार के लोग भी आवेदन कर सकते हैं।

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