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आगरा से होगी भूकंप की मॉनीटरिंग


भूकंप से जुड़ी हर जानकारी का पूर्वानुमान लगाने में आगरा महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रहा है। देश की सभी पाँच प्रयोगशालाओं की मॉनीटरिंग अब आरबीएस कॉलेज की बिचपुरी लैब करेगी। विद्युत चुंबकीय विधि पर आधारित ये प्रयोगशालाएँ एक साथ काम करेंगी। कम्प्यूटर की स्क्रीन पर सभी के नतीजे देखे जा सकेंगे।

इस समय वाडिया इंस्टीट्यूट देहरादून, कोल्हापुर विवि, बरकतुल्ला विवि भोपाल और आरबीएस बिचपुरी कैंपस चुंबकीय विधि से काम कर रहे हैं। जबकि पाँचवीं प्रयोगशाला इण्डियन इंस्टीट्यूट ऑफ जियो मैग्नेटिज्म मुंबई के नियंत्रण में शिलांग में स्थापित हैं। सभी पृथक रूप से भूमिगत हलचलें रिकार्ड करते हैं। केंद्र सरकार की ‘मिनिस्ट्री ऑफ अर्थ साइंसेज’ ने सभी लैब इंटरनेट के जरिए जोड़ने का फैसला किया है।

पाँचों प्रयोगशालाओं की रोजना रिकार्डिग की मॉनीटरिंग बिचपुरी स्थित आरबीएस कॉलेज प्रयोगशाला करेगी। जिस प्रयोगशाला से ज्यादा जमीनी हलचलें रिकार्ड की जाएंगी, उसी क्षेत्र में भूकंप आने की संभावना प्रबल मानी जाएगी।
सबसे पुरानी व 1998 में स्थापित बिचपुरी लैब के प्रभारी और वरिष्ठ भूकंप विज्ञानी डा. बीरबल सिंह ने बताया कि आगरा में सभी प्रयोगशालाओं से प्राप्त संकेतों का विश्लेषण किया जाएगा।

फिर इसे मौसम विज्ञान विभाग दिल्ली को भेजा जाएगा। मिनिस्ट्री ऑफ अर्थ साइंसेज की फाइनेंस डिवीजन को उन्होंने करीब दो करोड़ का बजट भेज है। इसके मिलते ही लैब में जरूरी संसाधन जुटा लिए जाएँगे।

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