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कर्मचारियों की हड़ताल से पांचवें दिन भी कामकाज ठप

सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय प्रशासन ने कर्मचारियों की हड़ताल के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया है। संघ को चेतावनी दी है कि अगर 25 जुलाई तक हड़ताल खत्म नहीं हुई तो इसे अवैध मानते हुए मामले को शासन को भेज दिया जाएगा। साथ ही कर्मचारियों से जुड़े अन्य प्रकरण भी शासन को भेजे जाएंगे। दूसरी ओर कर्मचारी संघ ने भी साफ कर दिया है कि वह प्रशासन के दबाव में नहीं आने वाला। जब तक प्रशासकीय पदों से शिक्षकों को हटाया नहीं जाता, हड़ताल जारी रहेगी। कर्मचारियों के हड़ताल से पांचवें दिन भी कामकाज ठप रहा।

विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से गुरुवार को केंद्रीय कार्यालय पर चस्पा नोटिस में जुलाई में हुई परीक्षा समिति के निर्णय का हवाला देते हुए हड़ताल को अवैध बताया गया। हालांकि, कर्मचारियों का कहना है कि परीक्षा समिति का गठन ही अवैध है। कर्मचारी संघ द्वारा आयोजित प्रेसवार्ता में पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन नियम-कानून को ताक पर रख कर कार्य कर रहा है।

हाल में ही वार्षिक परीक्षाओं के संचालन में काफी अनियमितता बरती गई। केंद्र निर्धारण, परीक्षा के संचालन और प्रश्नपत्रों के मुद्रण आदि में अनियमितता बरती गई। अगर उनकी मांगें नहीं मानी गई तो हड़ताल जारी रहेगी। पत्रकार वार्ता में कर्मचारी संघ अध्यक्ष डा.कृपाशंकर पांडेय, उपाध्यक्ष विनय कुमार और महामंत्री उपेंद्र नाथ द्विवेदी मौजूद थे।

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