अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

दूसरे राज्य के मिड डे मील का अध्ययन करेंगे अफसर

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने माना कि राज्य के 80 हजार स्कूलों में चल रही मिड डे मील की व्यवस्था सही नहीं है। इसे सुधारने की जरूरत है। स्कूल में जब भोजन बनता है तो बच्चे और शिक्षकों का ध्यान पढ़ाई की बजाय इसी पर टिका होता है।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गुरुवार को मिड डे मील और बिहार संपत्ति निरूपण अधिनियम में संशोधन पर बैठक हुई जिसमें संपत्ति निरूपण अधिनियम में संशोधन पर सहमति बन गई। जब यह संशोधन लागू होगा तो निजी मकानों-जमीनों पर मकान मालिक की सहमति से पोस्टर बैनर चिपकाए जा सकेंगे।

मिड डे मील पर बैठक में यह आम राय बनी कि राज्य के अधिकारी दूसरे प्रदेशों में लागू मिड डे मील योजना का अध्ययन करने जाएंगे और वे अपनी रिपोर्ट मानव संसाधन सचिव अंजनी कुमार सिंह को सौंपेंगे। सिंह विभिन्न राज्यों में लागू इस योजना की अध्ययन रिपोर्ट शीघ्र सरकार को सौंपेगे।

इसके बाद इसमें सुधार की जाएगी। बैठक में इस पर भी विचार किया गया कि खाना स्कूलों में पके या तैयार भोजन स्कूली बच्चों तक पहुंचाया जाय। बैठक में राजद, लोजपा, कांग्रेस, सीपीआई, सीपीएम और बसपा के सदस्य मौजूद रहे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:दूसरे राज्य के मिड डे मील का अध्ययन करेंगे अफसर