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नहीं मिल रहे फसलों के आधार बीज

प्रदेश में मक्का, अरहर, मूंग, मटर, राई-सरसों और तीसी के आधार बीज उपलब्ध नहीं हैं। राज्य सरकार ने विधानसभा में यह स्वीकार किया और कहा कि इन फसल के बीजों का वितरण नहीं हो रहा है। सरकार प्रयासरत है कि रबी तक किसानों को ये बीज मिल जाएं। भाजपा के विनोद नारायण झा के अल्पसूचित प्रश्न के जवाब में कृषि मंत्री रेणु कुमारी ने कहा कि बीज योजना के तहत कुल 23 फसलों का चयन किया गया है।

इनमें 10 खाद्यान्न की फसलें, 12 उद्यान फसलें और एक नकदी फसल है। धान, गेहूं, मक्का, अरहर, चना, मसूर, मूंग, मटर, राई-सरसों  एवं तीसी खाद्यान्न फसलें हैं। उद्यान फसलों में आम, लीची, अमरूद, केला और आंवला फल है जबकि सब्जी में बैंगन, टमाटर, भिंडी, प्याज, मटर, आलू और सहजन शामिल हैं। नकदी फसल गन्ना है।

उन्होंने कहा कि इनमें 16 फसलों के आधार बीज या रोपन सामग्री विभिन्न योजनाओं के तहत वितरित किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री बीज विस्तार कार्यक्रम के तहत मात्र चार खाद्यान्न फसल धान, गेहूं, चना और मसूर के आधर बीज वितरित किये जा रहे हैं। बागवानी मिशन योजना के तहत आम, लीची, अमरूद, केला, बैंगन, टमाटर, भिंडी, प्याज, मटर, और आलू के बीज-पौधे वितरित किये जा रहे हैं।

वहीं राज्य योजना के तहत सहजन के पौधों का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी चिह्न्ति फसलों के बीज उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। बिहार राज्य बीज निगम को आगामी रबी तक मक्का, अरहर, मूंग, मटर, राई-सरसों और तीसी के आधार बीज की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है। इस दौरान विपक्ष के कई विधायकों ने सरकार से इस ओर शीघ्र कार्रवाई कर किसानों तक बीज पहुंचाने की बात कही। 

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