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कसाब का कबूलनामा रिकॉर्ड पर, ठोस साक्ष्य

कसाब का कबूलनामा रिकॉर्ड पर, ठोस साक्ष्य

मुंबई में पिछले साल 26 नवंबर को हुए आतंकवादी हमलों के मामले की सुनवाई कर रही एक विशेष अदालत ने गुरुवार को हमलों के दौरान पकड़े गए एकमात्र जिंदा आतंकवादी मोहम्मद अजमल आमिर कसाब के इकबालिया बयान को रिकॉर्ड पर डालते हुए मामले की सुनवाई जारी रखने के आदेश दिये हैं।

विशेष न्यायाधीश एमएल टाहिलियानी ने अपने मौखिक आदेश में कहा अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि कसाब के इकबालिया बयान को रिकॉर्ड पर रख लिया जाना चाहिए और उचित समय आने पर इस पर साक्ष्य के रूप में विचार किया जाएगा। अदालत ने अभियोजन पक्ष को यह भी निर्देश दिया कि वह सुनवाई जारी रखे और दोपहर बाद के सत्र में साक्ष्य पेश करे।

एक नाटकीय घटनाक्रम में इस महीने की बीस तारीख को कसाब ने छत्रपति शिवाजी टर्मिनस और अन्य स्थानों पर हुए आतंकवादी हमलों में शामिल रहने के आरोपों को स्वीकार कर लिया था। न्यायाधीश ने अपना फैसला स्पष्ट करते हुए कसाब को बताया, आप के खिलाफ 86 आरोप फ्रेम किए गए थे। आपने सब नहीं कबूले हैं, लेकिन गुनाह कबूल किया है। इसलिए कोर्ट ने यह निर्णय लिया है कि यह केस चलेगा। कसाब ने इस पर सिर्फ इतना कहा, ठीक है।

उधर, कसाब के वकील अब्बास काजमी ने कहा कि वह 26 नवंबर के मामले से अलग होना चाहते हैं क्योंकि कसाब को न्यायिक प्रणाली में विश्वास नहीं रह गया है। न्यायाधीश ने कहा कि वह अपने अधिवक्ता से अपने मतभेदों को समाप्त करे।

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