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छोटे हैं कमजोर नहीं

छोटे हैं कमजोर नहीं

यह सेवा 24 घंटे जरूरतमंद बच्चों के साथ खड़ी रहती है। 1098 कॉल कर बड़¸ा या फिर बच्चा, किसी मुसीबत में फंसे बच्चे के लिए मदद मांग सकता है। तुम सोच रहे होगे कि आखिर किन परिस्थितियों में कॉल की जा सकती है।

अगर किसी भी रूप में किसी बच्चे का शोषण किया जा रहा हो या बच्चा किसी दुर्घटना का शिकार हो गया हो। किसी कारणवश घर से भाग जाने के बाद वापस लौटना चाहता हो। बच्चे को आश्रय की तलाश हो या बीमार हो आदि। ऐसे अनेक मौकों पर इस सेवा की मदद ली जा सकती है। दोस्तो, सिर्फ मजाक के लिए इस सेवा का इस्तेमाल न करें। इससे जरूरतमंद तक मदद पहुंचने में देरी हो सकती है।

दोस्तो, तुम से छेड़छाड़ की घटनाओं में दिनोंदिन इजाफा हो रहा है। अधिकतर घटनाओं को इसलिए बल मिलता है, क्योंकि तुम बच्चे विरोध नहीं करते और डर जाते हो। तुम बढ़ते बच्चे हो, इसलिए तुम्हें यह जानकारी भी हाेनी चाहिए कि जब कोई तुम्हारा शोषण करता है तो उस वक्त तुम्हें क्या करना चाहिए। तुमने गौर किया होगा कि जब किसी ताकतवर के आगे कोई घुटने टेक देता है तो उसके जुल्म पहले के मुकाबले अधिक बढ़ जाते हैं।

इसका उदाहरण तुम स्कूल में ही देख लो। किसी सीनियर छात्र ने तुम्हें बेवजह धमकाया-डराया। जब आपबीती तुमने अपने दोस्तों काे बताई और उसके सामने जा खड़े हुए तो उसे भी समझते देर न लगी कि तुम कमजोर नहीं हो। पूरी दुनिया में कहीं न कहीं तुम बच्चों का शोषण होता रहता है। अगर तुम कहीं भी छेड़छाड़ या मारपीट का शिकार होते हो और डर से चुप रह जाते हो तो यकीन मानों तुम्हारे साथ वह व्यक्ति लगातार वही हरकतें करने से बाज नहीं आएगा।

इन स्थितियों में तुम्हें डरने की नहीं, बल्कि हिम्मत से सामना करने की जरूरत होती है। अगर तुम्हें अपने आस-पड़ोस या रिश्तेदारी में कोई ऐसा व्यक्ति नजर आता है, जो तुम्हारे साथ कुछ अजीब-सा व्यवहार करता है, अश्लील बातें करता है, तुम्हें अकेले में बुलाने की कोशिश करता है तो उसकेबारे में तुरंत अपने माता-पिता को बताओ।

दोस्तो, जिसे तुम जानते नहीं, उसके साथ हरगिज कहीं मत जाओ। अगर कोई तुम्हें जबरदस्ती अपने साथ ले जाना चाहे तो जोर-जोर से शोर करो, ताकि राह चलते किसी व्यक्ति की नजर तुम पर पड़े और तुम्हारी मदद की जा सके। कई दफा तुममें से कोई मनपसंद चॉकलेट की चाह में  किसी अजनबी को अपना मान लेता है तो काेई किसी पसंदीदा खिलौने की चाह में उसके चंगुल में फंस जाता है। डरने की जरूरत नहीं, मगर तुम्हें चौकन्ना जरूर रहना चाहिए। कभी तुम्हें ऐसा लगता है कि तुम किसी मुश्किल में पड़ने वाले हो तो आसपास खड़े सय से दिखने वाले किसी व्यक्ति के मोबाइल का सहारा ले सकते हो। अगर तुम्हें पास में पुलिस अंकल दिखाई दें तो उन्हें आपबीती बताने में संकोच मत करो। तुम्हें पता होना चाहिए कि किन-किन जगहों पर इन घटनाओं के शिकार हाे सकते हो। मसलन यातायात साधनों में से कहीं रिक्शा तो कहीं बस, ट्रेन आदि। ट्यूशन, स्कूल, दोस्त के  घर  या फिर नजदीकी रिश्तेदार से छेड़छाड़ के शिकार होने की संभावनाएं भी अधिक होती हंै। दोस्तो, तुम्हें अपने बचाव के लिए जूडो-कराटे भी सीखना चाहिए।

स्कूल में अक्सर जूडो को सिखाने की क्लासेज होती होंगी। इस मौके को हाथ से मत जाने दो। इसके अलावा बहुत सी ऐसी एकेडमी हैं, जो बच्चों को इस कला में निपुण बनाती हैं। इससे तुम में आत्मविश्वास बढ़ेगा और मुसीबत में सामना करने का हथियार भी।  इसके अलावा तुम्हारा शरीर भी मजबूत होना चािहए। अच्छी डाइट और कुछ एक्सरसाइज तुम्हें फिट रहने में मदद देगी। किसी मुसीबत में तुम खुद को कमजाेर महसूस नहीं करोगे।

चाइल्ड एब्यूज के अंतर्गत बच्चों को सेक्सुअल एक्टीविटिज में शामिल होने के लिए दबाव बनाना, गंदे चित्र, फोटोज या वीडियो दिखाना, बच्चों के गुुप्त अंगों को छूना या देखना आदि शामिल होते हैं। अगर तुम्हारे साथ ऐसा कुछ होता है तो तुरंत अपने पेरेंट्स को बताना चाहिए, जिस से वे तुम्हारी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएं। अपनी बात पेरेंट्स से न कहने वाले बच्चे अकसर डिप्रेशन के शिकार हो जाते हैं, जिससे पढ़ाई पर भी बुरा असर पड़ता है। एक्सपट्र्स के मुताबिक सबसे पहले पेरेंट्स से ही तुम बच्चों को सही व गलत स्पर्श में अंतर समझना चाहिए। इस बात से भी जागरूक होना चाहिए कि सामने वाला कब तुम्हें गलत ढंग से देख व छू रहा है। तुम्हें खुद में इतना साहस भी विकसित करना चाहिए, जिससे ऐसी स्थिति आने पर बेझिझक अपने पेंरेट्स को बता सको, भले ही शोषण करने वाला कोई नजदीकी रिश्तेदार ही क्यों न हो।

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