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सबसे कम उम्र में नकली बाजू

सबसे कम उम्र में नकली बाजू

दोस्तो, तुमने कुछ लोगों को बैसाखियों के सहारे चलते देखा होगा। जिन लोगों के पैर बचपन में ही पोलियो के कारण खराब हो जाते हैं या किसी दुर्घटना के कारण काट दिए जाते हैं, उन्हें बैसाखियों का सहारा लेना पड़ता है।

किसी अन्य बीमारी के कारण भी पैर खराब हो सकते हैं। और सिर्फ पैर ही क्यों, हाथ भी खराब हो सकते हैं।
काइल बारटन नामक एक बच्चे के साथ ऐसा ही हुआ। उसके हाथ व पैर दोनों एक दिमागी बुखार के कारण खराब हो गए। मजबूरीवश उसके हाथ और पैर डाक्टरों को काटने पड़े। यह 1998 की बात है।

कुछ वर्ष तो काइल बेबस सा यूं ही घर में पड़ा रहा। फिर 2001 में उसे एक नकली बाजू लगाया गया। उससे अगले वर्ष 2002 में उसका दूसरा नकली बाजू भी फिट कर दिया गया। अपने उन दोनों नकली बाजूओं की मदद से काइल अपने कई काम खुद करने लगा।

नकली बाजुओं का इस तरह लगाया जाना एक अनूठा काम था, जिसे अंजाम  दिया नॉदर्न जनरल अस्पताल, शेफील्ड  (यू.के.) के डॉ. दीपक दत्ता ने, जिस समय काइल बारटन को दूसरा बाजू लगाया गया, उस समय उसकी उम्र केवल 8 वर्ष की थी। चूंकि इतनी कम उम्र में पहले किसी को नकली बाजू नहीं लगाया गया था, इसलिए काइल बारटन का नाम गिनीज बुक में दर्ज हो गया।   
  

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