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रिफंड बढ़ने से टैक्स कलेक्शन मामूली बढ़ा

रिफंड बढ़ने से टैक्स कलेक्शन मामूली बढ़ा

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान कॉरपोरेट रिफंड दावों की भरमार के चलते सरकारी खजाना पर भारी असर पड़ा है। इसके परिणाम स्वरूप इस अवधि के दौरान शुद्ध आयकर संग्रह में सिर्फ 3.65 फीसदी की बढ़ोत्तरी संभव हो सकी है। इससे वास्तविक टैक्स संग्रह 57,373 करोड़ रुपये से बढ़कर 59,465 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।

यह रिफंड एडवांस टैक्स पेमेंट और टीडीएस के बाद के दावों की चलते होता है। इस अवधि में यह राशि 11,578 करोड़ रुपये से बढ़कर 17,600 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई है। प्रत्यक्ष कर बोर्ड के अनुसार कॉरपोरेट टैक्स संग्रह में सिर्फ 3.31 फीसदीकी बढ़ोत्तरी हो सकी है जबकि सिक्यूरिटीज ट्रांजक्शन टैक्स और फ्रिंट बेनिफिट टैक्स सहित आयकर में 4.38 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। फ्रिंज बेनिफिट टैक्स 1115 करोड़ रुपये से कम होकर 1031 रुपये के स्तर पर आ गया है।

इससे इस बात का पता चलता है कि आर्थिक मंदी के चलते कॉरपोरेट ब्रांड प्रमोशन और अन्य गतिविधियों में कमी आई है। एक अन्य महत्वपूर्ण तथ्य यह प्रकाश में आया है कि पूंजी बाजार की मंदी के चलते भी सरकार को लगभग दो हजार करोड़ रुपये का चूना लगा है। इसके चलते सिक्यूरिटीज ट्रांजक्शन टैक्स संग्रह 1623 करोड़ रुपये से कम होकर 1462 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया है।

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  • Web Title:रिफंड बढ़ने से टैक्स कलेक्शन मामूली बढ़ा