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बारिश के मौसम में

बरसात के मौसम में पानी और हवा का जोर रहता है। इनसे संबंधित कई तरह के सेहत संबंधी डिसॉर्डर भी होते हैं जिनमें आमतौर पर अपच, गैस, यूरिनरी इन्फेक्शन और बाल एवं त्वचा संबंधी समस्याएं भी उठ सकती हैं। इसलिए इस मौसम में उठने वाली समस्याओं से पार पाने के लिए आप आयुर्वेद की मदद ले सकते हैं।

इस मौसम में पनीर, दूध, दही इत्यादि का इस्तेमाल कम करें क्योंकि इनसे कफ, सर्दी, साइनसाइटिस और श्वासनली संबंधी इन्फेक्शन हो सकता है। बैक्टीरिया के कारण भोजन के विषाक्त होने की भी आशंका बढ़ जाती है।

ऐसे खाद्य पदार्थ खाने से भी बचें जिनमें एसिड की मात्रा अधिक हो। इनमें तले हुए फल और मीट प्रमुख हैं।

बाजार में बना हुआ भोजन न खाएं। केवल साफ-सुथरी जगह बने हुए खाद्य पदार्थ ही लें।

इस मौसम में खाने के लिए भुने हुए खाद्य पदार्थ आदर्श होते हैं।

बरसात के मौसम में नहाने के लिए पानी में नीम का उपयोग कर सकते हैं। इससे त्वचा का इन्फेक्शन से बचाव होता है।

यह मौसम पुराना चावल और पुराना गेहूं इस्तेमाल करने का सर्वÞश्रेष्ठ समय है क्योंकि इनके इस्तेमाल से पेट में हवा नहीं बनती।

भोजन में हल्दी, करेला, अदरक, आंवला, काली मिर्च और लौंग का इस्तेमाल करें।

त्वचा की देखभाल और उसके इन्फेक्शनों से बचाव के लिए नरम और आरामदेह सिलाई वाले सूती कपड़े पहनें।

त्वचा को फटने से बचाव के लिए चंदन और हल्दी की क्रीम का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

शराब और कॉफी की मात्रा में भी कटौती करें। इससे एसिडिटी से बचाव होगा और हाजमा दुरुस्त रहेगा।

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