अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

एक अद्वितीय आवाज

लघुकाय गंगूबाई हंगल निहायत विनम्र और संकोची महिला थीं। उनकी कदकाठी भले ही छोटी थी, लेकिन स्वर लगाते ही उनकी बुलंद आवाज और तेजस्वी गायन उनके व्यक्तित्व की विराटता को अभिव्यक्त कर देता था। वे हमारे वक्त की शायद सबसे ज्यादा लोकप्रिय महिला शास्त्रीय गायिका थीं, फिर भी उनमें अभिमान कतई नहीं था और सहज गरिमा भरपूर थी। उनका जन्म न तो किसी समृद्ध परिवार में हुआ, न ही वे किसी उच्च जति की थीं। स्कूली पढ़ाई उन्होंने पांचवीं कक्षा तक ही की थी, संगीत में प्रतिभा और रुझान की वजह से उन्होंने सवाई गंधर्व से संगीत की तालीम प्राप्त की, जो उस्ताद अब्दुल करीम खान के शिष्य थे और गंगूबाई के साथ-साथ उनके शिष्य पंडित भीमसेन जोशी भी थे। गंगूबाई ने गायन के क्षेत्र में अपनी जगह तब बनाई, जब संगीत में आधुनिक युग का आरंभ हो रहा था और सामंती प्रश्रय की जगह आधुनिक संस्थाएं संगीतकारों के लिए रोजी-रोटी का साधन बन रही थीं। महिला कलाकारों की स्थिति इसमें ज्यादा कठिन थी क्योंकि तवायफों और देवदासियों की छवि से जुड़े दुराग्रहों का भी उन्हें सामना करना था और पुरुष प्रधान समाज में कला के नए ढांचे में भी जगह बनानी थी।

अपनी सामाजिक, आर्थिक स्थिति और औपचारिक शिक्षा के अभाव के बावजूद गंगूबाई उन कलाकारों में से थीं जिन्होंने अपनी सहज गरिमा और विलक्षण प्रतिभा के बूते न सिर्फ अपनी जगह बनाई बल्कि बाद की पीढ़ी की महिला कलाकारों के लिए भी रास्ते खोले। ऐसा नहीं था कि सामाजिक विषमता और भेदभाव को वे महसूस नहीं करती थीं, कई बार उन्होंने बहुत सटीक ढंग से उसे व्यक्त भी किया, लेकिन उनकी सच्ची अभिव्यक्ति संगीत थी और वह इतना गंभीर और प्रखर था कि गंगूबाई की प्रतिष्ठा संगीत में महिलाओं के सम्मान का प्रतीक बन गई। जिस किराना घराने की गायकी वे गाती थीं वह कोई बहुत पुराना नहीं था, वह अद्वितीय गायक अब्दुल करीम खान से ही शुरू हुआ था। हीराबाई वडोदेकर, सुरेशबाबू माने, सवाई गंधर्व और उनके बाद गंगूबाई और भीमसेन ने उसे प्रतिष्ठित किया और इन की वजह से आज वह गायन का सबसे लोकप्रिय घराना है। कई मायने में गंगूबाई भारतीय संगीत में एक नए युग के सजर्कों में से थीं और उनके बाद भी उनके गायन का सम्मान और लोकप्रियता बनी रहेगी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:एक अद्वितीय आवाज