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अपने कई गीत पर्दे पर उतरने से पहले ही चले गये मुकेश

अपने कई गीत पर्दे पर उतरने से पहले ही चले गये मुकेश

हिंदी फिल्म जगत में गायक मुकेश को उनकी अलग तरह की आवाज के लिए हमेशा याद किया जाता है और उनके गीत आज भी लोगों को सुकून देते हैं। केवल 56 वर्ष की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह गये मुकेश ने अपने कई गीतों को तो फिल्म के पर्दे पर प्रदर्शित होते ही नहीं देखा था।

संगीत समीक्षक मनोज ठाकुर के अनुसार मुकेश के इस संसाद से अलविदा कह जाने के बाद भी कई साल तक उनके गीत फिल्मों में जादू बिखेरते रहे और संगीतप्रेमियों को उनकी जिंदादिल आवाज से सुकून पहुंचाते रहे। 22 जुलाई 1923 को एक सामान्य परिवार में जन्मे मुकेश ने दिल्ली में नौकरी करते हुए अपनी आवाज को रिकार्ड कराने की कवायद शुरू की और गायन जारी रखा।

उनका निधन 27 अगस्त 1976 को अमेरिका के मिशीगन में दिल का दौरा पड़ने से हो गया था । वहां वह एक कंसर्ट में शिरकत करने गये थे। ठाकुर के अनुसार, मुकेश के संसार से जाने के बाद 1977 से लेकर 80 के दशक तक कई फिल्मों में उनकी आवाज से सजे गीत आते रहे और दर्शकों को उनके होने का आभास कराते रहे जो उनके जीते जी पर्दे पर नहीं उतर सके थे।

इन फिल्मों में धरमवीर, अमर अकबर एंथनी, खेल खिलाड़ी का, दरिंदा, चांदी सोना आदि हैं। इन कर्णप्रिय गीतों में 1978 में प्रदर्शित फिल्म सत्यम शिवम सुंदरम का चंचल शीतल निर्मल कोमल भी शामिल है। मोहम्मद रफी, मन्ना डे और किशोर कुमार जैसे महान गायकों के समकालीन तथा 50 से 70 के दशक के बीच हिंदी फिल्मों में आवाज के जरिये छाये रहे गायक मुकेश अभिनेता राजकपूर की आवाज बन गये थे। राजकपूर के अभिनय से सजी अधिकतर फिल्मों में पर्दे के पीछे आवाज मुकेश की होती थी।

मुकेश के निधन के बाद राज कपूर ने भी कहा था, मैंने अपनी आवाज खो दी है। मुकेश ने यूं तो करियर की शुरूआत 1941 में फिल्म निर्दोष में अभिनेताग़ायक के तौर पर की थी लेकिन पहली बार पाश्र्वगायक के तौर पर 1945 में उन्होंने उस समय के जानेमाने अभिनेता मोतीलाल के लिए फिल्म पहली नजर में गीत गाया था। इसके संगीतकार अनिल विश्वास थे।

हिंदी फिल्मों के लिए उनके पाश्र्वगायन की पहली खूबसूरत प्रस्तुति दिल जलता है तो जलने दे के तौर पर आयी थी। उन्हें गायक के तौर पर पहचान दिलाने में मोतीलाल का भी योगदान रहा, जो उनकी गायन प्रतिभा को पहचानकर मुंबई ले गये। मुकेश की आवाज को उनके पुत्र नितिन मुकेश ने भी जीवंत रखा है, वहीं उनके पौत्र नील नितिन मुकेश अभिनय के क्षेत्र में दमदार शुरूआत करने के बाद आज उनकी फिल्मी विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।

 

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  • Web Title:कई गीतों की रिलीज के पहले ही चले गये मुकेश