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घट सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम

घट सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम

अर्थव्यवस्था की हालत और मानसून की गड़बड़ी के बीच सरकार पेट्रोलियम उत्पादों के मूल्यों में कमी का रास्ता तलाशने में जुट गई है। फिलहाल पेट्रोलियम मंत्रालय निचले स्तर पर अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल मूल्यों के स्थिर होने का इंतजार कर रहा है।  इस बीच पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री मुरली देवड़ा ने राज्यों को पत्र लिखकर पेट्रोल और डीजल पर वैट की दर कम करने का आग्रह किया है।

यही नहीं, उन्होंने राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में यह भी कहा कि फिलहाल निकट भविष्य में सरकार रसोईगैस और केरोसिन के मूल्यों में बढ़ोत्तरी न करने की नीति पर ही अमल करेगी। पेट्रोलियम मंत्रालय पिछले कुछ दिनों से इसी इंतजार में है कि अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल मूल्य 60 डॉलर प्रति बैरेल के स्तर पर या इससे नीचे कम से कम तीन-चार सप्ताह तक स्थिर रहें। इसके बाद घरेलू मूल्यों में कमी की जाये। लेकिन अंतरराष्ट्रीय मूल्यों में फिर से बढ़ोत्तरी का ट्रेंड दिखने लगा है।

ऐसी स्थितियों में मुरली देवड़ा ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर इस बात का आग्रह किया है कि वह अर्थव्यवस्था में मंदी के संकट और गड़बड़ मानूसन को देखते हुये अपने यहां पेट्रोल और डीजल पर लागू वट दरों को कम करनें और उन्हें ऐडवेलोरम (मूल्य आधारित) के बजय स्पेसिफिक (मात्रा आधारित) आधार पर लागू करें ताकि उनके मूल्यों को कम किया ज सके।

यही नहीं, उन्होंने वैट और उत्पाद एवं सर्विस टैक्स (जीएसटी) पर गठित राज्यों के वित्त मंत्रियों की अधिकार प्राप्त समिति को भी पत्र लिखकर इस दिशा में सहयोग करने की अपील की है।

पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक भाजपा और वाम दलों की ओर से पेट्रो मूल्य बढ़ाने का आरोप तो लगाया ज रहा है लेकिन उनके शासित राज्यों में वैट की दरें बहुत ऊंची हैं। लिहाज उन्हें पहले इन दरों को कम करने की दिशा में कदम उठाना चाहिये।

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