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खाप के दबाव में परिवार ने छोड़ा गांव

ढराणा गांव में एक सप्ताह से चल रहे गोत्र विवाद का पटाक्षेप हो गया है। रिसाल सिंह गहलोत के परिवार ने कादियान खाप के दबाव के चलते मंगलवार को गांव छोड़ दिया। प्रशासन में बैठे आईएएस व आईपीएस अधिकारी इस मसले को सुलझ पाने में नाकाम रहे।

रविंद्र के दादा रिसाल सिंह, दादी, पिता रोहतास, चाचा वेदप्रकाश, नसीब सिंह व उनकी पत्नियां दोपहर बाद करीब पांच बजे एक सूमो में सवार होकर गांव से निकल गए। तीनों परिवारों के गांव से पलायन के दौरान पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मृक दर्शक बने रहे। परिवार को गांव से निकालने की मांग पर अड़ते हुए तीन दिन से गांव के सरकारी स्कूल में जारी कादियान खाप की बैठक भी इसके साथ ही समाप्त हो गई।

कादियान खाप की बैठक की अध्यक्षता कर रहे राजसिंह ने बताया कि रिसाल सिंह के परिवार ने गांव छोड़ दिया है। फिलहाल उन्हें एक साल के लिए गांव से निकाला गया है। एक साल के बाद वे फिर से खाप में अपील कर सकेंगे।

वहीं रविंद्र के चाचा नसीब सिंह ने कहा कि वे गांव नहीं छोड़ रहे हैं। गहलोत परिवार की ओर से नरेंद्र गहलोत अपना पक्ष लेकर हाईकोर्ट पहुंच गए हैं। उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह कोर्ट में याचिका डाल दी जाएगी।
झज्जर के एसपी सौरव सिंह ने कहा कि रिसाल सिंह का परिवार फिलहाल गांव से चला गया है।

वे लोग अभी अपने साथ सामान नहीं ले गए हैं। जानकारी के मुताबिक रिसाल सिंह का परिवार दुजाना गांव में अपने किसी रिश्तेदार के पास गया है। एसपी ने बताया कि रिसाल सिंह के परिवार को बराबर पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाएगी। हालांकि मंगलवार को गांव में तैनात पुलिस बल कम कर दिया गया है।

 

 

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  • Web Title:लोकतंत्र पर भारी पड़ा खापतंत्र