DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कांग्रेस का ऑफिस बन गया है झारखंड का राजभवन

भाकपा के राष्ट्रीय सचिव अतुल कुमार अंजान ने कहा है कि राष्ट्रपति शासन में झारखंड का राजभवन कांग्रेस के ऑफिस में तब्दील होकर रह गया है। राष्ट्रपति शासन के दौरान प्रशासनिक कामकाज की प्रणाली से कई सवाल खड़े हुए हैं। सैयद सिब्ते रजी अपनी कार्यपद्धति एवं प्रशासन में हस्तक्षेप के कारण दो दशकों में देश के सबसे विवादास्पद राज्यपाल की भूमिका में रहे हैं।

उनपर कई आरोप लगते रहे हैं। राष्ट्रपति एवं गृहमंत्री को उनपर लगे आरोपों की जांच करानी चाहिए। भाकपा के राष्ट्रीय सचिव 21 जुलाई को प्रेस से बात कर रहे थे। अंजान ने कहा कि रजी पर पर ट्रांसफर-पोस्टिंग, पद भरने से लेकर भ्रष्टाचार के कई गंभीर आरोप लगे हैं। संवैधानिक पद के लिए यह दुर्भाग्यपूर्ण है।

झारखंड के नवनियुक्त राज्यपाल के संबंध में भाकपा नेता ने कहा कि उनसे कोई उम्मीद नहीं है। वह जनता से संवाद नहीं कर पाएंगे। जनता हिंदी और स्थानीय भाषा में बालेगी। वह अंग्रेजी में अपनी बात कहेंगे। यहां ईमानदार एवं संवाद स्थापित करने वाले व्यक्ति की जरूरत है।

झारखंड की कानून-व्यवस्था की चर्चा करते हुए भाकपा नेता ने कहा कि केंद्र पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता ओढ़े रहती है, लेकिन झारखंड की नहीं जहां राष्ट्रपति शासन के बाद सैकड़ों लोगों मारे गए हैं। यहां केंद्रीय योजना में पैसे की लूट पर कोई कुछ नहीं कहता।

यहां की प्रशासनिक असफलता के लिए सोनिया, पीएम, कांग्रेस जिम्मेवार है। राष्ट्रपति शासन का समय बढ़ाकर विधानसभा भंग नहीं करना धन का अपव्यय एवं लूट की छूट देना है। यह जनतांत्रिक आचरण के खिलाफ है। विधानसभा को शीघ्र भंग किया जाना चाहिए।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:कांग्रेस का ऑफिस बन गया है झारखंड का राजभवन