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सूर्यग्रहण : ग्रहण के नजरे से वंचित रह सकता है उप्र

जहां पूरा देश सदी की सबसे दुर्लभ और सबसे लंबे सूर्यग्रहण के दीदार के लिए उत्साहित है, वहीं उत्तर प्रदेश की जनता को इसके नजरे से वंचित रहना पड़ा सकता है।

मौसम विभाग के मुताबिक अगले 48 घंटों में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और गरज के साथ रिमङिाम बारिश होगी, जिससे दुर्लभ ग्रहण को दखने में कठिनाई हो सकती है।

प्रदेश मौसम विभाग के निदेशक जे.पी.गुप्ता ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना है, जिस कारण प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बादल छाए रहेंगे, जिससे सूर्य ग्रहण देखने में मुश्किल हो सकती है। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद, लखनऊ और वाराणसी में बादल छाए रहने की संभावना है। पहले कहा गया था कि इन जगहों से सूर्यग्रहण को अच्छी तरह से देखा जा सकता है।

लखनऊ में ग्रहण सुबह साढ़े पांच बजे शुरू होगा, जो साढ़े सात बजे तक चलेगा। 111 साल बाद होने जा रही इस दुर्लभ खगोलीय घटना को लोगों को दिखाने के लिए लखनऊ के आंचलिक विज्ञान केंद्र और इंदिरा गांधी नक्षत्रशाला में विशेष इंतजाम किए गए हैं।

अलीगंज स्थित आंचलिक विज्ञान केंद्र सुबह पांच बजे खुल जाएगा। यहां पर इस अनोखे सूर्यग्रहण का सजीव प्रसारण किया जाएगा। सूर्यग्रहण की तस्वीरें टेलीस्कोप से लेकर पर्दे पर दिखाई जाएंगी। इसके अलावा लोगों के लिए सोलर चश्मों की व्यवस्था भी की गई है।

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