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एशेज जीतकर ही यादगार होगी विदाई: फ्लिंटॉफ

एशेज जीतकर ही यादगार होगी विदाई: फ्लिंटॉफ

दूसरे एशेज टेस्ट में इंग्लैंड की ऐतिहासिक जीत के सूत्रधार हरफनमौला एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने कहा है कि आस्ट्रेलिया से यह ट्राफी दोबारा हासिल करके वह टेस्ट क्रिकेट से अपनी विदाई को यादगार बनाना चाहते हैं।

फ्लिंटॉफ ने कहा कि घुटने की चोट के बावजूद वह पूरी सीरीज खेलेंगे और इंग्लैंड की जीत में योगदान देना चाहेंगे। उन्होंने कहा कि मैच से पहले ही मैंने कहा था कि यह मेरी आखिरी सीरीज होगी। एशेज सीरीज जीतकर टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहने से बेहतर कुछ नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि खुशी की बात यह है कि मैने अच्छी गेंदबाजी की। भले ही मुझे चोट लगी हो लेकिन मैंने अपने करियर में अधिकांश समय दर्द के साथ ही खेला है।

फ्लिंटॉफ ने कहा कि गेंदबाज के रूप में अपने प्रदर्शन में लगातार आ रहे निखार के बीच टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहने से वह थोड़े मायूस हैं। उन्होंने कहा कि कई मामलों में यह काफी निराशाजनक है। मुझे लगता है कि एक गेंदबाज के तौर पर मेरे प्रदर्शन में निखार आ रहा है और ऐसे में शरीर का साथ नहीं देना दुर्भाग्यपूर्ण है।

फ्लिंटॉफ ने कहा कि मैं शार्ट लैंथ में आक्रामक गेंदबाजी कर रहा हूं। मुझे महसूस हो गया है कि एक बार बल्लेबाज को बैकफुट पर लाने के बाद फुल लेंथ की गेंद ज्यादा खतरनाक हो जाती है। उन्होंने कहा कि नई गेंद से मैं अब ज्यादा सहज महसूस कर रहा हूं। उन्होंने अपने साथी खिलाड़ियों को आत्ममुग्धता से बचने की ताकीद करते हुए कहा कि हार के बाद आस्ट्रेलिया बर्मिंघम में 30 जुलाई से शुरू हो रहे तीसरे टेस्ट में वापसी को बेकरार होगी।

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