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आतिफ अमेरिका में करेंगे कैंसर के सूक्ष्म इलाज की खोज

तातारपुर जब्बारचक मोहल्ले के मो. आतिफ बिन तौहीद ने सफलता की बुंलदी पर पहुंचकर न केवल देश बल्कि विदेश में भी भागलपुर का मान बढ़ाया है। यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका के सात, फ्रांस के दो और जर्मनी के तीन विश्वविद्यालयों में स्टेम सेल थेरेपी विषय पर रिसर्च के लिए आतिफ का चयन हुआ है।

हालांकि इस रिसर्च वर्क के लिए आतिफ को यूनिवर्सिटी ऑफ पिट्सबर्ग मेडिकल सेन्टर फॉर हायर स्पेशलिस्ट रिसर्च ऑन थेरेप्यूटिक एप्लिकेशन्स ऑफ स्टेम सेल (यूपीएमसी) उपयुक्त लगा। यहां पूरी दुनिया से तीन छात्रों का चयन हुआ है। इसमें दो चीन और एक भारत से है। भारत से आतिफ को चुना गया है। आतिफ एक सप्ताह बाद वह अमेरिका के लिए रवाना होगा। आतिफ स्टेम सेल थेरेपी विषय के जरिए कैन्सर, एचआईवी-एड्स के सूक्ष्म इलाज की खोज करेंगे।

प्रो. अख्तर तौहीद का बेटा आतिफ ने दसवीं तक की पढ़ाई संत जोसेफ स्कूल भागलपुर से की। उन्होंने आईसीएसई बोर्ड से 1998 में 92.6 फीसदी अंक हासिल कर दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की। सोमवार को वह स्कूल के 11वीं के नए फ्रेशर बैच के स्वागत समारोह में मौजूद थे। आतिफ ने छात्रों को सफलता के गुर बताते हुए कहा कि बिना फेल हुए जीवन में बहुत कम लोगों को सफलता मिलती है।

ज्यादातर लोग फेल होने के बाद ही सफल होते हैं। इसलिए विफलता से घबराने की नहीं बल्कि लड़ने की जरूरत है। आतिफ ने 12वीं की पढ़ाई डीपीएस आरकेपुरम से की। इसके बाद उसका चयन आम्र्ड फोर्स मेडिकल कॉलेज (एफएमसी) पुणो में हुआ पर स्वास्थ्य की वजह से वहां से उन्हें निराशा हाथ लगी। लेकिन आतिफ ने हार नहीं मानी बल्कि और कड़ी मेहनत से लक्ष्य पाने की दिशा में संघर्षरत रहे।

फिर तो सफलता एक-एक कर आतिफ के कदम चूमने लगी। एआईआईएमएस में दाखिला मिला। वहां का टॉपर रहा। वहां आतिफ के शानदार प्रदर्शन का रिकार्ड कोई नहीं तोड़ पाया। इसके बाद यूपीएमसी में 6वां स्थान हासिल किया। आतिफ अभी छुट्टी में तातारपुर-जब्बारचक अपने माता-पिता से मिलने आए हैं। एक सप्ताह बाद वह अमेरिका रिसर्च वर्क के लिए रवाना होंगे। 

 

 

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