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मानसून में ड्राइविंग

मानसून के मौसम में घर से निकलने से पहले, ड्राइविंग करते समय कुछ सावधानियां बरतनी जरूरी होती हैं।

- बैटरी, इलेक्ट्रिकल वायरिंग, हेडलाइट्स, टायर्स, इंजन, वाइपर्स आदि को भली प्रकार से जांच लें। ट्रेड डेप्थ के अलावा पांचों पहियों का प्रैशर जांचें। यदि कार में कपड़े की मैट्स बिछी हुई हैं तो उसे प्लास्टिक अथवा रबर मैट्स से बदल लें, इससे कार में बारिश के मौसम में होने वाली गंध को दूर रखने में मदद मिलेगी। वाइपर्स के ब्लेड पर किसी तरह का क्रैक होने पर उन्हें बदल दें।

- जहां तक संभव हो भारी बारिश के दौरान ड्राइव करने से परहेज करें। यदि ड्राइव करना जरूरी भी है, तो गाड़ी को फर्स्ट गियर में ही चलाएं। फुल एक्सीलरेटर का इस्तेमाल न करें। गीले की स्थितियों में कार को रुकने में चूंकि अधिक देर लगती है, अत: गति धीमी ही रखें।

- बारिश के दौरान जहां तक संभव हो गाड़ी को मिडिल लेन में ही चलाएं।

- यदि कार पानी में फंस गई है, तो उसे धक्का देकर शुरू करने अथवा क्रेंक स्टार्ट करने की कोशिश न करें। ऐसे में मिस्त्री की मदद लें।

- हाइवे पर गाड़ी चलाना विशेष सावधानी की मांग करता है। अपने आगे चल रहे वाहन से उचित दूरी बनाएं रखें, इससे न सिर्फ विजिबिलिटी बनाए रखने में मदद मिलेगी, साथ ही किसी तरह की दुर्घटना का खतरा कम हो जाता है। खासतौर पर रात में तेज बारिश के समय थ्री सेकेंड रूल अपनाएं यानी आपके और आपसे आगे वाले वाहन में थ्री सेकेंड में तय होने वाली दूरी का गैप बनाकर रखें।

- यदि कार में एसी है तो टेंपरेचर सेटिंग को वार्म पर कर दें, इससे हवा का प्रवाह विंडस्क्रीन की ओर रहेगा। 

- लाइट को भली प्रकार से जांच लें। लो और हाई दोनों स्तर पर लाइट काम करनी चाहिए।

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