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होगा कायाकल्प खान मार्केट का

देश के सबसे महंगे कामर्शियल इलाके खान मार्केट में विदेशियों व राजनयिकों की खासी चहल-पहल रहती है। एनडीएमसी इस मार्केट का कायाकल्प करने जा रही है और इसे 1950 वाले पुराने आकार में लाया जाएगा। मार्केट का फर्श ग्रेनाइट का होगा तथा विभिन्न केबलों को एक जगह डालकर डक्टिंग की जाएगी। जिस पर करीब एक करोड़ 59 लाख रूपये की लागत आने का अनुमान है। इसके सुधार का काम नौ महीने में राष्ट्रकुल खेलों से पहले पूरा कर लिया जाएगा।


परिषद ने इस योजना को हरी झंडी दे दी है। खान मार्केट के पुराने स्वरूप को बरकरार रखने के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है और यह काम दो फेज में किया जाएगा। मार्केट में पैदल चलने वालों के लिए दुकानों के आगे का रास्ता सुधारा जाएगा और इसे ग्रेनाइट से बनाया जाएगा ताकि लोग इस पर फिसले नहीं। पार्किग की सुविधा में इजाफा किया जाएगा और बरामदे का सौदंर्यीकरण किया जाएगा। लोगों के लिए बेहतर व आकर्षक बेंच डाली जाएंगी और स्ट्रीट लाइट्स में सुधार होगा। एक तरह के संकेतक लगेंगे। बारिश के पानी की पाइप व ड्रेनेज सिस्टम में सुधारा जाएगा। सर्विस लेन ठीक की जाएगी। परिषद के सदस्य मुकेश भट्ट ने बताया कि असल में खान मार्केट में पाकिस्तान से आए शरणार्थियों को 1950 में 156 दुकानें व 74 घर आवंटित किए गए थे। इसके बाद कुछ लोगों ने अपने घरों में कामर्शियल गतिविधियां शुरू कर दीं लेकिन किसी तरह का सुधार नहीं किया गया। यहां के लोग परिषद से पिछले कई सालों से बुनियादी सुविधाओं में सुधार की मांग करते रहे हैं। यहां बंद हो चुके ड्रेनेज सिस्टम व पार्किग को लेकर खासी परेशानी का सामना भी लोग करते रहे हैं। 1975 में यहां फुटपाथ बनाया गया था लेकिन यह भी अब दयनीय दशा में है। अब परिषद ने राष्ट्रकुल खेलों के तहत इसे सुधारने का फैसला लिया है। दूसरे फेज में कनाट प्लेस की तर्ज पर कामन डक्ट बनाया जाएगा जिसमें सभी तरह की बिजली की तारें, टेलीफोन के केबिल वगैरा रहेंगे ताकि जरूरत पर जगह-जगह सड़क खोदने से बचा जा सके।

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  • Web Title:होगा कायाकल्प खान मार्केट का