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हिलेरी के बयान से आईटी कंपनियों ने ली राहत की सांस

अमेरिकी विदेश मंत्री के गुड़गांव में आउटसोर्सिग से जुड़े मुद्दे पर प्रतिस्पर्धा की बात स्वीकारने और किसी भी देश पर पाबंदी नहीं थोपने के बयान से आईटी कंपनियों ने राहत की सांस ली है। साइबर सिटी स्थित सैकड़ों आईटी एवं आईटी इनेबल्ड सर्विसेज से जुड़ी कंपनियां अब गुणवत्ता में और सुधार करने में जुट जाएंगी, ताकि अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में बने रह सकें। इससे कारोबार में इजाफा होने की उम्मीद जताई जा रही है। पिछले वर्ष पूरे प्रदेश से 18000 करोड़ का सॉफ्टवेयर निर्यात किया गया, इसमें साइबर सिटी स्थित कंपनियों की 90 फीसदी तक की भागेदारी रही।


आईटीसी ग्रीन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने आउटसोर्सिग मुद्दे पर बातचीत के दौरान ने माना कि वैश्विक मंदी के दौर में सभी देशों की कोशिश हैं कि स्थानीय लोगों को ही अधिक से अधिक रोजगार का अवसर मिल सके। उन्होंने साफ किया कि इसके लिए किसी भी देश पर पाबंदी नहीं लगाई जाएगी, लेकिन प्रतिस्पर्धा में बढ़ोत्तरी होगी। बीपीओ एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रेजीडेंट दीपक ओलियान के मुताबिक हिलेरी क्लिंटन के इस बयान से आईटी आउटसोर्सिग से जुड़ी भारतीय कंपनियों को फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए कंपनियां गुणवत्ता पर और अधिक ध्यान देंगी और इसका आने वाले दिनों में देश को फायदा मिलेगा। जूजा के आला प्रबंधक वी. नारायण ने कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री के बयान से भारतीय कंपनियों का भ्रम दूर हो गया है। कंपनियां अब नए सिरे से कार्यो को बेहतर गुणवत्ता के मुताबिक अंजाम देंगी। इससे न केवल कारोबार में इजाफा होगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह को कायम रखना संभव होगा। उन्होंने बताया कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा से कंपनियां कम खर्च में बेहतर से बेहतर काम करने की ओर अग्रसर होंगी।

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  • Web Title:हिलेरी के बयान से आईटी कंपनियों में राहत