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केंद्र को जवाब के लिए तीन हफ्ते का समय

केंद्र को जवाब के लिए तीन हफ्ते का समय

सुप्रीम कोर्ट ने विदेशी बैंकों में भारतीय राजनीतिज्ञों, नौकरशाहों और उद्योगपतियों के जमा कालेधन से संबंधित मामले में सरकार को अपना पक्ष रखने के लिए तीन सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया।

मुख्य न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन और न्यायमूति पी सदाशिवम की खंडपीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद केन्द्र सरकार को अतिरिक्त दस्तावेज उपलब्ध कराने एवं अपना पक्ष रखने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है।

याचिकाकर्ताओं, पूर्व विधि मंत्री राम जेठमलानी, पंजाब के पूर्व पुलिस महानिदेशक केपीएस गिल और लोकसभा के पूर्व महासचिव सुभाष कश्यप की ओर से मामले की पैरवी करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल बी दीवान ने इस संबंध में केन्द्र सरकार पर टालमटोलपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने पिछली सुनवाई के दौरान भी समय मांगा था और इस बार भी इसका रवैया वैसा ही है।

दीवान ने कहा कि स्विस बैंक सहित विदेशी बैंकों महें जमा कालेधन को वापस लाने के प्रति सरकार दृढ़प्रतिज्ञ नहीं दिख रही है। उन्होंने कहा कि हसन अली खान के स्विस बैंक खाते में आठ अरब डॉलर जमा होने के बारे में सरकार को पता है, फिर भी वह हाथ पर हाथ धरे बैठी है।

हालांकि अभियोजन पक्ष की इन दलीलों का केन्द्र एवं अन्य संबंधित पक्षों की और से सोलिस्टर जनरल गोपाल सुब्रमण्यम ने यह कहते हुए खंडन किया कि सरकार इस दिशा में हर संभव प्रयास कर रही है। उसे अतिरिक्त दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए तीन सप्ताह का समय चाहिए जिसे स्वीकार कर लिया गया।

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