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तारेगना में सबसे ज्यादा समय तक दिखेगा सूर्यग्रहण

बिहार के पटना जिले का मसौढ़ी अनुमंडल का तारेगना इलाका इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है। खगोलविदों की मानें तो 22 जुलाई को लगने वाला इस सदी का सबसे लंबा सूर्यग्रहण सबसे अधिक समय तक तरेगना से ही दिखेगा। यही कारण है कि देश-विदेश के वैज्ञानिक और खगोलशास्त्री यहां पहुंचने लगे हैं।

राज्य के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के प्रधान सचिव रविकांत ने सोमवार को बताया कि सूर्यग्रहण के सेंट्रल लाईन पर होने के कारण तारेगना से सूर्यग्रहण अधिक समय तक दिखेगा। उन्होंने बताया कि 22 जुलाई को सूर्योदय 5.11 बजे होगा। सूर्यग्रहण लगभग साढ़े पांच बजे सुबह से शुरू होकर सुबह 6.25 तक रहेगा। पटना और तरेगना में इसे तीन मिनट 47 सेकेंड तक बेहतर ढंग से देखा जा सकता है।

इधर, पटना पहुंचे दिल्ली के ‘स्पेस सेंटर’ के वैज्ञानिक विक्रांत मंडल की मानें तो 22 जुलाई को दिखने वाला सूर्यग्रहण अद्भुत और अविस्मरणीय के साथ ज्यादा समय तक दिखने वाला होगा। उन्होंने कहा कि उक्त ग्रहण सबसे अधिक समय तक तारेगना में ही दिखेगा।

मंडल का मानना है कि ग्रहण देखने के लिए खास चश्मा या अन्य प्रकार की सुरक्षा जरूरी है। पूर्ण सूर्यग्रहण के एक मिनट पहले से एक मिनट बाद तक प्रकाश के चमत्कारी खेल में धरती पर सांप जैसे दृश्य दिखाई देंगे। तापमान में पांच डिग्री सेंटीगेट्र की कमी आएगी और तेज हवा चलेगी।

मंडल ने बताया कि उनकी संस्था से वैज्ञानिकों के तीन दल यहां उपस्थित रहेंगे। इनमें एक दल पटना स्थित तारामंडल की छत पर रहेगा, दूसरा दल खगोलविज्ञान के छात्रों का होगा जबकि तीसरा दल तारेगना में मौजूद होगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी कई मंत्रियों के साथ  तारेगना पहुंच कर इस अद्भुत नजारे का आनंद लेंगे।

उल्लेखनीय है पटना-गया सड़क मार्ग पर स्थित तारेगना पटना से करीब 40 किलोमीटर की दूरी पर है।

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