DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

तालिबान से बात शुरू करने का वक्तः मुशर्रफ

तालिबान से बात शुरू करने का वक्तः मुशर्रफ

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने आतंकवादी संगठन तालिबान के साथ बातचीत शुरू करने पर बल देते हुए कहा है कि अफगानिस्तान में वर्तमन समस्या का हल सैन्य विकल्प की बजाय राजनीतिक प्रगति से ही निकाला जा सकता है।
 
जनरल मुर्शरफ ने ब्रिटेन के स्काई न्यूज टेलीविजन चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा कि मेरा मानना है कि वर्तमान समय में पाकिस्तान में आतंकवाद के खिलाफ अपनाई जा रही रणनीति बिल्कुल सही है, लेकिन इसमें थोड़ा और प्रयास करने की जरूरत है।

इसकी सफलता सुनिश्चित करने के लिए इस अभियान में लगे सैनिकों की संख्या में बढोतरी करनी होगी। हो सकता है कि हमें दीर्घकालिक रणनीति पर विचार करना होगा, क्योंकि फिलहाल हम अभी अल्पकालीन रणनीति ही अपना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह सच है कि अतीत में तालिबान ने काफी आतंक मचाया है और लोगों पर बहुत अन्याय किए हैं लेकिन हमें कभी न कभी इस मामले का हल तो निकालना ही होगा। सैन्य कार्रवाई से किसी भी समस्या का स्थाई हल नहीं निकाला जा सकता। सेना के बल पर आपको समय मिल सकता है और इससे एक अनुकूल माहौल बन सकता है लेकिन अंत में मूल समस्या के हल के लिए राजनीतिक विकल्पों का इस्तेमाल करना ही होगा।

जनरल मुशर्रफ ने कहा कि मेरा व्यक्तिगत रूप से मानना है कि तालिबान के शीर्ष नेतृत्व से राजनीतिक वार्ता शुरू करने की जरूरत है और इसके लिए यह समय बिल्कुल उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि वह यह नहीं मानते कि वर्तमान समय में तालिबान अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई के साथ किसी भी तरह की बातचीत की है। वर्तमान परिस्थिति में उन लोगों की जरूरत है जो तालिबान और अफगानी सरकार के बीच बातचीत शुरू कराने में मध्यस्थता कर सकें।

जनरल मुशर्रफ ने कहा कि उनके त्यागपत्र देने के बाद से पाकिस्तान में अफगानिस्तान के साथ लगने वाली सीमा के आसपास के क्षेत्रों में तालिबान का वर्चस्व बढ़ा है और वह और मजबूत हुआ है। हालांकि उन्होंने इस बात का भरोसा जताया कि पाकिस्तान में सेना के अक्षुण्ण रहने तक देश की स्थिरता को कोई खतरा नहीं हो सकता।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:तालिबान से बात शुरू करने का वक्तः मुशर्रफ