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इंग्लैंड को आयी जीत की खुशबू

इंग्लैंड को आयी जीत की खुशबू

इंग्लैंड ने लॉर्डस में 75 साल बाद एशेज में पहली टेस्ट जीत की तरफ मजबूती से कदम बढ़ा दिए हैं। मेजबान ने  ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पॉन्टिंग सहित मध्यक्रम के तीन बल्लेबाजों को पैवेलियन भेजकर उनकी संघर्ष करने की उम्मीदों को करारा झटका दिया। ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे टेस्ट क्रिकेट मैच के चौथे दिन चाय तक पांच विकेट पर 178 रन बनाए थे और उसे 522 रन के लक्ष्य को पार करके विश्व रिकॉर्ड बनाने के लिए अब भी 344 रन की दरकार है लेकिन इंग्लैंड पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में जीत दर्ज करने से अब केवल पांच विकेट दूर है और मैच में एक दिन बचा हुआ है।

माइकल क्लार्क ने हालांकि ऑस्ट्रेलियाई संघर्ष जारी रखा है। उन्होंने कलात्मक बल्लेबाजी का अच्छा नमूना पेश करके अभी तक 58 गेंद पर 60 रन बनाए हैं जबकि दूसरे छोर पर विकेटकीपर बल्लेबाज ब्रैड हैडिन 15 रन पर खेल रहे हैं। पॉन्टिंग अपने लंच के स्कोर में केवल एक रन जोड़कर पवेलियन लौट गए। जब वह 38 रन पर थे तब उन्होंने तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड की गेंद विकेट पर मार दी जिससे ऑस्ट्रेलिया का स्कोर तीन विकेट पर 78 रन हो गया। इस तरह से पॉन्टिंग का लार्डस पर लचर प्रदर्शन जारी रहा। यहां उनका उच्चतम स्कोर 42 रन है। जबकि वह कार्डिफ में 150 रन की उम्दा पारी खेलकर यहां आए थे जहां इंग्लैंड की अंतिम जोड़ी जेम्स एंडरसन और मोंटी पनेसर ने मैच ड्रॉ करवाया था।

ऑफ स्पिनर ग्रीम स्वान ने इसके बाद 19 गेंद के अंदर दो विकेट लिए। उन्होंने बाएं हाथ के माइकल हसी (27) को उस गेंद पर आउट किया जो उछाल लेकर टर्न हो रही थी। लेकिन पॉल कोलिंगवुड ने स्लिप में तेज कैच लेकर इंग्लैंड को चौथी सफलता दिलायी। हसी को वेस्टइंडीज के अंपायर बिली डाक्ट्रोव ने आउट दिया। हालांकि रीप्ले से लग रहा था कि गेंद बल्ले का किनारा लेकर नहीं गयी थी। यह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गए कई गलत फैसलों में से एक था। लेकिन स्वान के अगले विकेट में कोई संदेह नहीं था। उन्होंने मार्कस नॉर्थ के बल्ले और पैड के बीच से गेंद निकालकर विकेट उखाड़ा था जिससे ऑस्ट्रेलिया का स्कोर पांच विकेट पर 128 रन हो गया।

इससे पहले एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने दोनों सलामी बल्लेबाजों को पैवेलियन भेजा। हालांकि इन दोनों विकटों से विवाद जुड़ा रहा। जब साइमन कैटिच आउट हुए तो अपने 100वें टेस्ट मैच में अंपायरिंग कर रहे रूडी कर्टजन नो बाल देने से चूक गए। यही नहीं फिलिप हयूज का स्लिप में इंग्लैंड के कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस ने जो कैच लिया उसको लेकर भी विवाद पैदा हो गया। एशेज के बाद टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा करने वाले फ्लिंटॉफ ने आज अपनी आठवीं गेंद पर ही कैटिच का विकेट लिया जिन्होंने गली में केविन पीटरसन को कैच थमाया। लेकिन रीप्ले देखने से पता चला कि फ्लिंटॉफ का अगला पांव तब क्रीज से आगे पड़ा था और दक्षिण अफ्रीकी कर्टजन को उसे नोबॉल देना चाहिए था जिससे इंग्लैंड को यह विकेट नहीं मिलता।

ऑस्ट्रेलिया का स्कोर इसके बाद तब दो विकेट पर 34 रन हो गया जब फ्लिंटॉफ की गेंद हयूज के बल्ले का किनारा लेकर स्लिप में स्ट्रॉस के पास चली गयी। बीस वर्षीय हयूज पैवेलियन लौटने लगे, लेकिन पॉन्टिंग ने उन्हें रोक दिया क्योंकि रवि बोपारा को भी इसी तरह के कैच में टीवी अंपायर निजेल लांग से जीवनदान मिला था। लेकिन इस बार कर्टजन ने मैदान में अपने साथी अंपायर बिली डाक्ट्रोव से मशविरा करके ही हयूज को आउट दे दिया और तीसरे अंपायर की मदद नहीं ली। इंग्लैंड की 2005 की एशेज जीत के नायक फ्लिंटॉफ ने इस तरह से 20 गेंद में केवल दो रन देकर दो विकेट हासिल कर लिए थे।

इससे पहले स्ट्रॉस ने इंग्लैंड की दूसरी पारी कल के स्कोर छह विकेट पर 311 रन पर ही समाप्त घोषित कर दी थी। इस तरह से ऑस्ट्रेलिया को 522 रन का लक्ष्य मिला जो कि टेस्ट मैच जीतने पर सबसे बड़ा लक्ष्य हासिल करने का नया रिकॉर्ड होगा। अब तक का रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के नाम पर है जिसने 2002-03 में एंटीगा में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सात विकेट पर 418 रन बनाकर जीत दर्ज की थी। इस मैच में जो भी टीम जीतेगी वह पांच मैच की सीरीज में 1-0 से आगे हो जाएगी।

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