DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बिना अनुशंसा के सामान खरीदा कृषि विभाग ने

कृषि विभाग ने बिना अनुशंसा, परामर्श एवं परीक्षण के ही माइको न्यूट्रिएंट सहित अन्य सामान की खरीदारी की। इससे किसानों को अधिक लाभ नहीं हुआ, उलटे सरकार को लाखों रुपए का चूना लगा। माइको न्यूट्रिएंट की खरीद के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट में तय मानकों के लिए बिरसा कृषि विवि से परामर्श नहीं लिया गया।

माइको न्यूट्रिएंट की अनुकूलता के लिए कृषि विभाग ने कोई परीक्षण भी नहीं कराया। अधिकारियों ने एक निजी फर्म से तरल माइक्रो न्यूट्रिएंट की खरीद की। खरीद के लिए गठित जांच कमेटी के मुताबिक इसके लिए बिहार राज्य उर्वक समिति के 1994 के पत्र का गलत हवाला तक दिया गया।

कृषि वैज्ञानिकों ने वर्ष 2001 में कृषि निदेशक को बताया था कि सूक्ष्म पोषक तत्वों के मिश्रण से सूक्ष्म तत्वों की कमी को दूर नहीं किया जा सकता है। खरीदारी में इस सुझव की भी अनदेखी की गई। कमेटी ने राज्य में जिंक, बोरोन, मोलिबडेनम की कमी दूर करने के लिए बड़े पैमाने पर तरल माइको न्यूट्रिएंट की खरीद को अनुपयोगी, सरकारी पैसे का दुरुपयोग एवं अव्यावहारिक बताया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:बिना अनुशंसा के सामान खरीदा कृषि विभाग ने