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फील गुड से शेयर बाजारों ने भरी उड़ान

फील गुड से शेयर बाजारों ने भरी उड़ान

मानसून के फिर से सही राह पकड़ने के बीच मजबूत वैश्विक संकेतों और निगमित कंपनियों के उत्साहवर्धक कार्य परिणामों की उम्मीद के कारण प्रमुख शेयर बाजारों में तेजी देखने को मिली।

बंबई शेयर बाजर का सेंसेक्स समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान पिछले सप्ताह के बंद स्तर के मुकाबले 1240.70 अंक अथवा 9.19 प्रतिशत की तेजी के साथ दो सप्ताह के उच्चतम स्तर 14744.92 अंक पर बंद हुआ। इसी प्रकार, नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी 371.05 अंक अथवा 9.27 प्रतिशत की तेजी के साथ सप्ताहांत में 4374.95 अंक पर बंद हुआ।

बजट में किसी बड़े आर्थिक सुधार की घोषणा नहीं किए जाने के कारण निवेशकों की निराशा से बंबई सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में ही करीब 9.5 प्रतिशत की गिरावट आई थी। सप्ताह के दौरान विश्व अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत तथा अमेरिकी कंपनियों के कार्य परिणामों वाले सत्र की सकारात्मक शुरुआत के कारण वैश्विक बाजार धारणा बेहतर दिखाई दी।

प्रमुख अर्थशास्त्री नौरियल रोबिनी ने कहा कि वित्तीय संकट का सबसे खराब दौर खत्म हो गया है और अमेरिकी अर्थव्यवस्था भारी गिरावट वाले दौर से बाहर है। घरेलू मोर्चे पर धीमे राजस्व वद्धि के बावजूद भारतीय कंपनियों के पहली तिमाही के मुनाफे में सुधार की उम्मीद के कारण भी बाजर को समर्थन प्राप्त हुआ।

इंफोसिस टेक्नोलाजी और एचडीएफसी बैंक के बाद प्रमुख आईटी कंपनी टीसीएस ने पहली तिमाही में अपने शुद्ध मुनाफे में 19 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। बाजार की धारणा पर वित्त सचिव अशोक चावला के इस बयान का भी सकारात्मक असर पड़ा कि वित्त मंत्रालय पेंशन और बैंकिंग सुधार के प्रस्तावों सहित संसद में सात विधेयकों को पेश करेगा। विश्लेषकों का मानना है कि बाजार में तेजड़िया धारणा है और उत्साहवर्धक निगमित परिणामों के प्रवाह एवं आर्थिक सुधार के बारे में समाचार के कारण लिवाली बढ़ सकती है।
 
विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भी सकारात्मक रुख अख्तियार कर लिया है जो बाजार के लिए एक अच्छा संकेत है। विश्लेषकों ने कहा कि आरआईएल और आरएनआरएल के बीच कृष्णा गोदावरी गैस मामले पर उच्चतम न्यायालय की सुनवाई के बाद बाजार में भारी उतार चढ़ाव की संभावना से इंकार नहीं किया ज सकता है।

गैस मामले पर अंबानी परिवार के समझौते को ठुकराते हुए सरकार ने कहा है कि निजी समझौतों को राष्ट्रीय हितों की राह में बाधा नहीं बनने नहीं दिया ज सकता है और उसने सुप्रीम कोर्ट से अनिल और मुकेश अंबानी की कंपनियों के झगड़े में खुद को एक पक्ष बनाने को कहा है।

रीअल्टी और बैंक कंपनियों के स्टाक के प्रति निवेशकों में काफी मांग रही। परिणामस्वरूप बीएसई रीअल्टी इंडेक्स में 17.62 प्रतिशत और बैंकेक्स में 11.10 प्रतिशत की तेजी आई। बीएसई और एनएसई में कारोबार का आकार कम यानी क्रमश: 27,107 करोड़ रुपये और 82,019 करोड़ रुपये रहा जो उसके पिछले सप्ताह क्रमश: 27,528 करोड़ रुपये और 86,675 करोड़ रुपये था।

कलकत्ता शेयर बाजर में समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान लिवाली समर्थन के कारण सूचकांक में तेजी का रुख रहा और इसमें 226.13 अंकों की तेजी दर्ज हुई।पिछले सप्ताह यहां 544.88 अंकों की गिरावट आई थी। कलकत्ता सूचकांक 6119.23 अंक पर खुला और सप्ताहांत में मजबूती प्रदर्शित करता 6,345.36 अंक पर बंद हुआ।

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