DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

भारत पर जरदारी-गिलानी में उभरे मतभेद

भारत पर जरदारी-गिलानी में उभरे मतभेद

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के उस बयान पर असहमति जताई, जिसमें उन्होंने कहा था कि देश के लिए सबसे बड़ा खतरा भारत की ओर से नहीं बल्कि देश में जड़ जमाए आतंकवादियों से है। गिलानी ने कहा कि जरदारी का यह बयान उनका अपना विचार हो सकता है।

पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार गिलानी ने मिस्र के शर्म अल शेख में गुटनिरपेक्ष आंदोलन (नाम) के सम्मेलन के दौरान भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ हुई बैठक के बारे में संवाददाताओं से कहा कि डॉ. सिहं ने कहा कि जो भी मुद्दे हैं उन सभी पर वह बातचीत को तैयार हैं।

गिलानी ने कहा कि भारत के बारे में जरदारी के बयान के बावजूद उनका मानना है कि भारत के साथ पिछले 62 वर्ष के दौरान हुए संघर्षों के मद्देनजर पाकिस्तान को बहुत अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मैंने डॉ. सिंह को यह भरोसा दिलाया कि हम भविष्य में भारत पर होने वाले संभावित हमलों से संबंधित सभी तरह की सूचनाएं साझा करेंगे।

पाकिस्तान मुंबई पर हुए आतंकवादी हमलों के दोषियों को सजा दिलाने के लिए सभी संभव उपाय करने को प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि पाकिस्तान ने कभी भी अमेरिका से भारत के साथ पाकिस्तान के संबंधों में सुधार लाने के लिए अपने प्रभावों का इस्तेमाल करने का कभी भी अनुरोध नहीं किया।

गिलानी ने कहा कि मैंने अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई के साथ मुलाकात के दौरान पाकिस्तान की इस आशंका से अवगत कराया कि भारत अफगान धरती का इस्तेमाल उसके खिलाफ कर सकता है। पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई अपने हितों की रक्षा के लिए लड़ रहा है। आतंकवादी वैश्विक साजिश के तहत पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:भारत पर जरदारी-गिलानी में उभरे मतभेद