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लोक लेखा समिति करेगी सीएजी रिपोर्ट की समीक्षा

सीएजी की रिपोर्ट ने कई विभागों के अफसरों की नींद उड़ा दी है। इस रिपोर्ट में इंदिरा आवास योजना पर भी अंगुली उठाई गई है। रिपोर्ट के अनुसार इस योजना के तहत एक करोड़ रुपये की गड़बड़ी की गई है। यह राशि ऐसे लोगों को दे दी गई है जिनके नाम बीपीएल सूची में नहीं थे। इधर राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि सीएजी की रिपोर्ट की समीक्षा लोक लेखा समिति करेगी और यदि गड़बड़ी की पुष्टि हो जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

गड़बड़ी बेगूसराय जिले के वीरपुर, भोजपुर जिले के जगदीशपुर, जहानाबाद जिले के मदनगंज और शेखपुरा प्रखंडों में पकड़ी गई है। इन प्रखंडों में अप्रैल 2004 से जून 2007 के बीच 443 लोगों को इंदिरा आवास बनाने अथवा विस्तार करने के लिए 1 करोड़ 1 लाख रुपये दिए गए। रिपोर्ट में कहा गया है कि जिन लोगों को यह राशि दी गई उनके नाम बीपीएल सूची में थे ही नहीं।

सीएजी ने इस मामले में जब जगदीशपुर के बीडीओ से पूछताछ की तो उन्होंने जवाब दिया कि हो सकता है कि जिन लोगों को आवास के लिए राशि दी गई उनके नाम बीपीएल सूची में नहीं हों लेकिन उनके परिवार के मुखिया का नाम बीपीएल सूची में शामिल है।

सीएजी का कहना था कि ऐसी स्थिति में आवास के लिए भुगतान भी परिवार के मुखिया के नाम पर होना चाहिए था न कि उसके किसी संबंधी के नाम पर क्योंकि एक बीपीएल परिवार एक ही इंदिरा आवास का हकदार होता है।

दूसरी तरफ इस मामले में वीरपुर के बीडीओ ने कहा कि जांच के बाद इस मामले में कार्रवाई की जाएगी। लेकिन इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। सीएजी ने इसकी सूचना राज्य सरकार को दी लेकिन वहां से भी कोई जवाब नहीं आया।

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  • Web Title:इंदिरा आवास योजना में एक करोड़ की गड़बड़ी