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सर के चांटे ने बदल दी जिंदगीः सचिन

सर के चांटे ने बदल दी जिंदगीः सचिन

 मास्टर बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने शनिवार को अपने गुरु कोच रमाकांत आचरेकर के प्रति आदर व्यक्त करते हुए कहा कि वह सर की बदौलत ही इस मुकाम तक पहुंचने में सफल रहे।

आचरेकर के साथ सचिन, विनोद कांबली, प्रवीण आमरे और समीर दिघे को शनिवार को स्थानीय कला और संस्कृति अकादमी द्वारा आयोजित गुरु शिष्य कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। जिसमें बीसीसीआई अध्यक्ष शशांक मनोहर भी मौजूद थे।

सचिन ने उस घटना को याद किया, जिसमें उनके कोच ने उन्हें स्कूल की बी टीम में खेलने के लिए कहा था। बल्लेबाजी करने के बजाय उन्होंने गैलरी में बैठकर अपने साथियों के लिए ताली बजाने को तरजीह दी। शाम में जब सचिन आचरेकर के सामने गए तो उनसे पूछा गया कि उन्होंने कितने रन बनाए। इस सवाल से अंचभित सचिन ने उन्हें कहा कि वह अपने साथियों के लिए ताली बजाते रहे। इसके बाद तड़ाक से एक चांटा उनके गाल पर लगा। सचिन का लंच बाक्स नीचे गर गया और उन्होंने महसूस किया कि उन्होंने कितनी बड़ी गलती की।

सचिन ने कहा कि आचरेकर ने उन्हें सख्ती से कहा कि दूसरों के लिए ताली मत बजाओ, खुद खेलो और अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान लगाओ। उन्होंने कहा कि इस घटना ने मेरी जिंदगी बदल दी और मैं आज जिस भी मुकाम पर हूं, आचरेकर सर द्वारा कराई जाने वाले अभ्यास और उनकी कोचिंग की बदौलत ही हूं। सचिन ने क्रिकेट में उनके योगदान की तारीफ करते हुए कहा कि उनके गुरु ने सभी खिलाड़ियों को बेहतरीन कोचिंग दी है।

बीसीसीआई के अध्यक्ष मनोहर ने कहा कि आचरेकर और सचिन आधुनिक युग के द्रोणाचार्य और अर्जुन हैं। आचरेकर ने विदर्भ के पूर्व टेस्ट खिलाड़ी प्रशांत वैद्य और पूर्व विदर्भ रणजी कप्तान प्रीतम गांधी को सम्मानित किया।

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