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ज्वलंत मुद्दों पर फटाफट फिल्में

ज्वलंत मुद्दों पर फटाफट फिल्में

आजकल कई फिल्म निर्माता मीडिया के उन समाचारों पर फिल्में बनाने की तैयारी में जुट गए हैं, जिनके कारण टीवी की टीआरपी और अखबारों की बिक्री बढ़ती है। ऐसी घटनाओं को कभी मसालेदार प्रचार के माध्यम से तो कभी सामाजिक सरोकार का हवाला देकर वह इसे भुनाने में भी पीछे नहीं रहते। पिछले साल 26/11 को मुंबई में ताज होटल पर हुए आतंकवादी हमले को लेकर भी फिल्म बनाने की बात सामने आयी। इसके अलावा गोवा में स्कारलेट कीलिंग की हत्या, गत लोकसभा चुनावों के दौरान वरुण गांधी के विवादित भाषण पर फिल्म और दिल्ली के चर्चित सौम्या विश्वनाथन हत्याकांड के बाद अभिनेता शाइनी आहूजा पर कथित रेप के आरोप पर फिल्में बनाने की खबरें जोरों पर हैं।

चूंकि ताजा मामला शाइनी का है, सो सबसे पहले जिक्र उन पर बनने वाली फिल्मों पर। ‘चमक- द शाइनी’ नाम से कमर हाजीपुरी और ‘रेप’ नाम से कांति शाह फिल्म बना रहे हैं। कमर हाजीपुरी भोजपुरी के गीतकार हैं और कांति शाह सी-ग्रेड फिल्में बनाने के लिए मशहूर हैं। कांति शाह की फिल्में बेशक बॉलीवुड में न चलती हों, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी फिल्मों के जलवे हैं।
इस नई फिल्म के बारे में कांति लाल शाह ने बताया ‘हां, मैं शाइनी आहूजा पर कथित रेप की घटना पर फिल्म बना रहा हूं। इसकी शूटिंग जल्द ही शुरू होगी। इसमें दो नये कलाकार हैं। इमरान, शाइनी आहूजा का रोल करेंगे और सपना उनकी नौकरानी का। फिल्म सही घटनाओं पर आधारित होगी। काल्पनिक घटनाओं का सहारा नहीं लिया जाएगा। गाने और डांस सीक्वेंस भी होंगे।’

बताया जाता है कि शाइनी आहूजा कांड पर बन रही फिल्म ‘चमक-द शाइनी’ में हितेन राघोर और दिव्या त्रिवेदी काम करेंगी। इस संबंध में हाजीपुरी ने बताया कि कुछ इसी तरह की स्क्रिप्ट पर वह पहले से ही काम कर रहे थे। शाइनी की घटना ने कहानी को और अच्छा आधार दे दिया है।
ऐसे मुद्दों पर आधारित फिल्मों के निर्माण के संबंध में कानून विशेषज्ञों का कहना है कि वे इन फिल्मों के निर्माण में हस्तक्षेप कर सकते हैं। इस संबंध में प्रोडक्शन हाउस को नोटिस भेज कर स्क्रिप्ट की मांग की जा सकती है। जानकारी के अनुसार वरुण गांधी का भाषण और सौम्या विश्वनाथन की हत्या जैसी खबरें ‘गणतंत्र’ नामक फिल्म का हिस्सा हैं। इस फिल्म का निर्माण सुरेन्द्र सूरी कर रहे हैं, जो कि मशहूर फिल्म निर्माता एवं निर्देशक जे. पी. दत्ता के सहायक रह चुके हैं। इसी तरह मुंबई हमले को लेकर बन रही फिल्म ‘टोलट टेन’ में कसाब की भूमिका राजन वर्मा निभा रहे हैं, जो ‘गणतंत्र’ में वरुण गांधी का रोल भी कर रहे हैं।

बकौल राजन, बेशक कुछ बातों पर बवाल मचा हो, लेकिन फिल्म में कई सकारात्मक पहलू भी हैं। यह एक प्रेम कहानी होगी, जिसमें सौम्या वाले केस से जुड़े पहलू भी हैं। उधर, निर्देशक प्रभाकर शुक्ला भी स्कारलेट कीलिंग के बलात्कार एवं हत्या से जुड़ी कहानी पर फिल्म बना रहे हैं। हालांकि इस मामले में स्कारलेट के परिवार ने उन्हें सख्त हिदायतें पहले से ही दी हुई हैं। बहरहाल, जो भी मामला गरम होता है तो बहुतेरे लोग उसे कैश करने से नहीं चूकते।

बॉलीवुड भी ऐसे मुद्दों को भुनाने में पीछे नहीं। पर ऐसी फिल्मों के निर्माण से निर्माता भी चिंचित रहते हैं। चूंकि ऐसे मामले कई बार सिलेब्रेटीज से संबंधित होते हैं। फिल्म तो बन जाती है, लेकिन रिलीज के समय पता नहीं कहां से अदालत का नोटिस आ जाता है।
बेशक बॉलीवुड में नई-नई कहानियों को लेकर धड़ाधड़ फिल्में बन रही हों, लेकिन ज्वलंतशील मुद्दों पर फिल्में बनाना इंडस्ट्री की खासियत रही है। इधर किसी छोटी सी बात ने तूल पकड़ नहीं और तिल का  ताडम् बना नहीं कि उधर तुरंत बॉलीवुड की भवें नई फिल्म की कहानी को लेकर तनने लगती हैं। निर्माता, निर्देशकों और लेखकों के दिमाग में नए-नए आइडियाज आने लगते हैं। इस साल भी हाल ही में घटित कई घटनाओं पर फिल्में बनाने की तैयारी जोरों पर है। ताजा मामला शाइनी आहूजा का है। खबरों के बाजार से निकलती फिल्मों पर एक रिपोर्ट।

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