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एक गया तो दूजा आया

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एक गया तो दूजा आया
टीवी के विभिन्न शोज एवं कार्यक्रमों में फिर से नए-पुराने कलाकारों का आना-जाना जारी है। कुछ समय पहले ऐसी रिवायत एकता कपूर के कैंप से निकलने वाले शोज में देखी जाती थी। उस दौरान के शोज में न तो कोई किरदार बूढ़ा होता था और न ही उसका अंतिम समय आता दिखाई देता था। शो में पीढि़यां गुजर जाती थीं, लेकिन किरदार टस से मस नहीं होते थे। यही नहीं, एक किरदार को जीवित रखने के लिए उसे अदा करने वाले कलाकारों का बदला जाना भी धीरे-धीरे फैशन बनने लगा, लेकिन अब यह ट्रैंड एक नए रंग रूप में देखा जा रहा है। हालांकि इंडस्ट्री से जुड़े लोग इसे टीआरपी बढ़ाने की मंशा से सिरे से नकारते रहे हैं और ऐसे बदलावों को शो की जरूरत मानते रहे हैं, लेकिन सच यह है कि जब शो में नीरसता आने लगती है तो ऐसे जुगाड़ किये जाते हैं। ऐसे सीरियल्स की कमी नहीं है, जिसमें टीआरपी बढ़ाने के लिए कहानी को इस तरह एक नया मोड़ दिया जाता है, जिससे उसमें पुराने चेहरों को नई तरह से पेश किया जा सके।

पुराने कलाकारों का नया रूप
जीटीवी पर कुछेक महीने पहले शुरू हुए सीरियल ‘अगले जनम मोहे बिटिया ही कीजो’ ने शुरुआत में अच्छी टीआरपी बटोरी। पहली दस्तक में लोगों ने इसे पसंद किया, लेकिन कुछ ही दिनों बाद इसकी रेटिंग 3.7 पर दिखाई दी। इसे बढ़ाने के लिए ही शो में पुराने स्थापित कलाकारों को लिया गया। शो की कहानी लाली नामक एक ऐसी लड़की पर आधारित है, जिसके मां बाप गरीबी के कारण उसे एक सामंती परिवार को बेच देते हैं। इसी परिवार में रूपा गांगुली, सुष्मिता मुखर्जी, सुदेश बेरी, अंजुम फारुखी और लवलीन टंडन जैसे स्थापित कलाकार नए किरदारों में नजर आये, पर टीआरपी नहीं बढ़ी। 
 
आजमाई री-एंट्री भी
ऐसा नहीं है कि शो के बीच में पुराने कलाकारों को लेने के लिए ही कहानी को टिवस्ट दिया जाता है। अब तो शो की टीआरपी बढ़ाने के लिए बहुत से किरदारों की री-एंट्री भी कराई जाती है, जिसका एक बड़ा कारण उन किरदारों का दर्शकों के दिल और दिमाग में बैठ जाना भी होता है, इसलिए कलाकारों को शो में लाना जरूरी होता है। जैसे ‘सात फेरे’ में मन्नो भाभी  के किरदार में नीना गुप्ता की री-एंट्री कराई गई । शो में जहां पहले वह भारी-भरकम गहनों और साडि़यों में नजर आती थी, वहीं री-एंट्री के बाद उन्हें सादे लुक में दिखाया गया। इसी तरह ‘बनूं मैं तेरी दुल्हन’ में सिंदूरा के किरदार में कामिया पंजाबी की शो में री-एंट्री हुई तो ‘कुमकुम’ में जतिन के किरदार के रूप में अनुज सक्सेना की री-एंट्री हुई। एकता कपूर के सबसे लंबे और बहुचर्चित शो ‘क्योंकि सांस भी कभी बहू थी’ में तुलसी के किरदार यानी स्मृति ईरानी की री एंट्री कराई गई थी, जो उस दौरान काफी चर्चा का विषय थीं।  

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