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बिल्व पत्र के बिना शिव पूजा अधूरी

विश्व एकात्म धर्म के प्रवर्तक योगेश्वर पुष्पनंदन महाराज ने श्रद्धालुओं को ग्रंथों में वर्णित भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के साधनों का उल्लेख करते हुए बताया कि श्रवण मास की शिवरात्रि के दिन 108 बिल्प पत्रों पर चंदन से ओम नमःशिवाय लिखकर भगवान को अर्पण करने से धन की वृद्धि होती है। गाय के दूध से शिवलिंग का अभिषेक करने से गृह-क्लेश समाप्त होता है। शुद्ध घी चढ़ाने से व्यक्ति में नेतृत्व क्षमता का विकास होता है। शिवरात्रि के दिन घी में बेलपत्र डुबोकर हवन करने और गन्ने के रस से अभिषेक करने से साधक महाधनी बनता है। शिवलिंग पर शहद का लेपन करने से समृद्धि प्राप्त होती है और पापों से मुक्ति मिलती है। घी मिश्रित अन्न के दूध के साथ जमुन की समिधा से होम करने से विपुल यश और आरोग्यता प्राप्त होती है।


उन्होंने बताया कि शिवरात्रि को शिवकृपा प्राप्त करने के लिए होटल व्यवसायी, गिफ्ट आइटम और रत्नों के व्यापारी, पत्रकार, विद्वान, गायक अपने शुभ और धनवृद्धि के लिए स्फटिक की माला अरत करें। भूमि व्यवसायी, योगाचार्य, आयुव्रेदाचार्य, डाक्टर, पुलिस और सैन्य अधिकारी, अग्नि संबंधी कार्य करने वाले और हलवाई मूंगे की माला शिवलिंग पर चढ़ाएं। व्यापार वृद्धि के लिए धर्मगुरू, ज्योतिषाचार्य, तंत्रज्ञाता, यज्ञकर्ता, लेखक और कृषि का कार्य करने वाले मोती की माला समर्पित करें। नौकरी करने वाले, बैंक अधिकारी और शिक्षक पंचमुखी रूद्राक्ष की माला चढ़ाएं और रागमुक्ति के लिए तीर्थो के जल से अभिषेक करें। अच्छे अंक लाने के लिए विद्यार्थी शिवरात्रि को गणोश रुद्राक्ष धारण करें। कार्लसर्प, पितृदोष निवारण के लिए चांदी के सर्प का जोड़ा भगवान शिव को अíपत करें। शिवालय में प्रवेश के दिन साधक प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा का परित्याग करें। भगवान शिव पर केतकी का पुष्प कदापि न चढ़ाएं। बिना बिल्व पत्र के शिव की पूजा अधूरी है। कार्यक्रम का शुभारंभ भजनों और भक्ति गीतों से हुआ।

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  • Web Title:बिल्व पत्र के बिना शिव पूजा अधूरी