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बिजली निगम को मिले छह करोड़

निगम के काफी प्रयास के बाद थी बिजली की चोरी में कमी नहीं आ रही है। चालू वित्तीय वर्ष में जून तक बिजली चोरी के 1857 मामले सामने आए है। इनसे निगम को छह करोड़ रूपये का कमाई होने की संभावना है। इसमें से 86 लाख रूपये सूचना देने वालों को दिया गया।


 दक्षिण हरियाणा बिजली निगम के प्रवक्ता ने बताया कि विभिन्न स्रोतों से प्राप्त सूचना,आपरेशन और विजिलेंस विंग के अपने प्रयासों से कर्मचारियों ने 21962 लाख उपभोक्ताओं के यहां छापे मारकर बिजली चोरी के 1857 मामले पकड़े। इनमें से बिजली चोरी में संलिप्त उपभोक्ताओं पर लगाए गए जुर्माना में से ज्यादातर ने जुर्माने की राशि अदा कर दी है। जुर्माना की अदायगी न करने वालों के खिलाफ निगम ने 736 मामलों में पुलिस में रपट दर्ज करवाई गई है। बिजली चोरी बताओ ईनाम पाओ योजना के तहत 2538 मामलों में बिजली चोरों को पकड़कर छह करोड़ रूपये का जुर्माना किया गया।

इस योजना के तहत 343 बिजली चोरी की सूचना देने वाले व्यक्तियों को 86 लाख रूपये की प्रोत्साहन राशि के तौर पर दी गई।  बिजली चोरी बताओ ईनाम पाओ योजना के तहत बिजली चोरी की सूचना देने वाले को वसूली गई जुर्माना राशि का 40 प्रतिशत भाग प्रोत्साहन के रूप में दिया जाता है। इसके अलावा 20 प्रतिशत राशि बिजली चोरी पकड़ने वाली टीम के सदस्य व जुर्माना वसूल करने वालों को दी जाती है। योजना के तहत कुल 60 प्रतिशत राशि प्रोत्साहन के रूप में बांट दी जाती है। निगम ने प्रोत्साहन के रूप में मिलने वाली 50 हजार रूपये की अधिकतम राशि की सीमा को हटा दिया है, अब ईनाम लाखों रूपये में भी प्राप्त किया जा सकता है। प्रवक्ता ने बताया कि योजना के तहत सही सूचना के आधार पर बिजली चोरी पकड़ने पर सूचनार्थी को एक हजार रूपये की राशि तुरन्त दे दी जाती है। जुर्माने की राशि वसूल हो जाती है तो 40 प्रतिशत सूचनार्थी को सही कोड नम्बर बताने पर दे दिया जाता है। सूचना देने वाले को किसी भी स्तर पर अपनी पहचान बताने की जरूरत नहीं है।

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