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प्रशासन के निर्णय से पैरेंट्स में जगी आशा की किरण

शासनादेश की अनदेखी कर बढ़ी हुई फीस लेने पर अड़े एमिटी स्कूल से प्रशासन ने स्पष्टीकरण मांगा है। एमिटी स्कूल के खिलाफ अभिभावकों द्वारा लगातार की जा रही शिकायतों के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है। स्कूल को आखिरी वार्निंग दी गई है कि अब यदि पुराने दर की फीस लेने में आनाकानी की गई तो एनओसी वापस लेने की संस्तुति कर दी जाएगी। स्कूल को तीन दिन के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है। एडीआईओएस महेश चंद्र ने एमिटी स्कूल को नोटिस जारी कर दिया है।


उल्लेखनीय है कि प्रशासन की ओर से छह जुलाई को डीएलएफ,रायन,कैंब्रिज व एमिटी को बढ़ी हुई फीस न लेने के लिए कहा गया था। जिसके बाद डीएलएफ,रायन ने छात्रों से पुरानी दर पर फीस लेने की कार्रवाई आरंभ कर दी थी। किंतु एमिटी अब भी बढ़ी दर पर फीस लेने पर अड़ा हुआ है।

प्रशासन की इस कार्रवाई से अभिभावकों में नई उम्मीद जगी है, उधर स्कूल प्रबंधन में हड़कंप मचा है। लखनऊ में गुरुवार को विधायक सुनील शर्मा की प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा रविंद्र सिंह से मुलाकात और स्कूलों पर कार्रवाई के दिए आश्वासन व डीएम आर रमेश कुमार को फोन पर दिए गए निर्देश के बाद ही स्कूल के खिलाफ एक्शन लिया गया है। स्कूल को जारी किए गए नोटिस के बारे में स्कूल की प्रिसिंपल शशि रंजन से पूछा गया तो उन्होंने मीटिंग में व्यस्त होने की बात कह कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।


गौरतलब है कि पिछले दिनों बढ़ी हुई फीस नहीं लेने के शासनादेश के बाद डीआईओएस ने एमिटी सहित सभी स्कूलों को पुराने दर पर फीस जमा करने के आर्डर जारी किए थे। जिनकों एमिटी स्कूल मनेजमेंट ने मानने से मना कर दिया था। और इतना ही नहीं स्कूल ने बढ़ी हुई फीस जमा न करने पर बच्चों का नाम काटने तक का नोटिस पैरेंट्स को जारी कर दिया।


इस को गंभीरता से लेते हुए एडीआईओएस ने शासनादेश के तहत जारी आर्डर की अवहेलना करने पर स्कूल से तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने को कहा है। एडीआईओएस महेश चंद्र ने कहा कि अगर फिर भी स्कूल पुराने दर पर फीस लेने में आनाकानी करता है तो स्कूल की एनओसी वापस लेने के लिए शासन को रिपोर्ट भेज दी जाएगी। इस कार्रवाई से पैरेंट्स खुश नजर आ रहे हैं।


एमिटी स्कूल पैरेंट्स एसोसिएशन के सदस्य संजय वर्मा ने कहा कि स्कूल से मांगे गए स्पष्टीकरण और फीस जमा न करने पर एनओसी रद्द करने के आर्डर किए जाने से स्कूल की मनमानी पर लगाम लगा सकेगी। उन्होंने कहा कि जब तक स्कूल पुरानी फीस जमा नहीं करता तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

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