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पाक से बातचीत भविष्य के घटनाक्रम पर निर्भरः पीएम

पाक से बातचीत भविष्य के घटनाक्रम पर निर्भरः पीएम

पाकिस्तान के साथ सहयोगात्मक संबंधों की आवश्यकता पर बल देते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि उसके साथ बातचीत का स्वरूप और विस्तार भविष्य के घटनाक्रम पर निर्भर करेगा।

प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान के साथ बातचीत की शर्त से आतंकवाद को हटा लेने के बारे में उत्पन्न ताजा विवाद के मद्देनजर लोकसभा में कहा कि पाकिस्तान के साथ कब कहां और किस रूप में हम बातचीत का विस्तार करें, यह भविष्य के घटनाक्रम पर निर्भर करेगा। फिलहाल हम इस बात पर सहमत हुए हैं कि दोनो देशों के विदेश सचिव आवश्यकता होने पर मिलेंगे और संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान दोनों देशों के विदेश मंत्रियों को रिपोर्ट देंगे।

प्रधानमंत्री के बयान से असंतोष जताते हुए भाजपा ने विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में सदन से वाकआउट किया। आडवाणी ने सदन छोड़ने से पूर्व कहा कि मुंबई हमले के बाद समग्र वार्ता प्रक्रिया बंद हो गयी थी। हम जानना चाहते हैं कि ऐसी कौन सी स्थिति पैदा हो गयी है कि आतंकवाद की शर्त हटा ली गयी है।

आडवाणी और भाजपा की उपनेता सुषमा स्वराज द्वारा बयान पर स्पष्टीकरण मांगने पर सदन के नेता प्रणव मुखर्जी ने कहा कि इस बारे में नियमानुसार चर्चा हो सकती है और उसमें इन सब सवालों के जवाब दिये जा सकते हैं।

गुट निरपेक्ष देशों के शिखर सम्मेलन के दौरान शर्म अल शेख में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी से मुलाकात के बाद लौटे सिंह ने कहा कि जैसा संयुक्त बयान में कहा गया है कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई समग्र वार्ता से नहीं जुड़ी होनी चाहिए इसलिए अन्य घटनाक्रमों का इंतजार नहीं हो सकता।

तीन देशों की यात्रा से लौटे प्रधानमंत्री ने कहा कि गिलानी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि मुंबई हमले के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों को कानून की गिरफ्त में लाने के लिए पाकिस्तान अपनी पूरी ताकत का इस्तेमाल करेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने गिलानी से मुलाकात के दौरान उन्हें आतंकवाद खासतौर से मुंबई आतंकवादी हमले के प्रति भारत की जनता की भावनाओं से अवगत कराया। उन्होंने  पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से यह भी कहा कि न केवल मुंबई आतंकवादी हमले षडयंत्रकारियों के खिलाफ सतत प्रभावकारी और विश्वसनीय कार्रवाई करनी होगी बल्कि भविष्य में ऐसे हमले न हो पायें इसके लिए आतंकवादी समूहों के क्रिया कलापों को भी बंद करना होगा।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह की वार्ता शुरू करने के प्रति हमारा सतत रुख यही है कि पड़ोसी देश अपने इस वायदे को सही मायने में पूरा करें कि भारत के खिलाफ वह आतंकवादी गतिविधियों के लिए अपनी भूमि का किसी भी तरह से इस्तेमाल नहीं होने देगा।

मनमोहन सिंह ने कहा कि गिलानी के साथ गुरुवार को हुई मुलाकात के दौरान दोनों ने भारत पाकिस्तान संबंधों की मौजूदा स्थिति और  इसकी भविष्य की क्षमताओं तथा उन्हें हासिल करने के लिए उठाये जाने वाले आवश्यक कदमों की चर्चा की।

उन्होंने सदन को बताया कि इस बात पर सहमति हुई की दोनों देश किसी भी भावी आतंकवादी खतरे के बारे में उचित वक्त पर  विश्वसनीय और कार्रवाई योज्ञ सूचनाओं की साझेदारी करेंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्व नेताओं के साथ विचार विमर्श करने के बाद वह इस आश्वासन के साथ स्वदेश लौटे हैं कि इनसे भारत के हितों को और आगे बढ़ाने में सफलता मिलेगी।

 

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