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सेबी के नए नियम से ब्रोकरों पर गिरेगी गाज

सेबी के नए नियम से ब्रोकरों पर गिरेगी गाज

निवेशकों के पैसे से चांदी काटने वाले ब्रोकरों को अब सेबी के नियम से भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है। बाजार नियामकसंस्था सेबी एक ऐसा नियम बनाने की तैयारी में है जिसके मुताबिक ब्रोकरों को हर तिमाही के अंत में अपने ग्राहक के ट्रेडिंग एकाउंट को जीरो बैलेंस करना अनिवार्य होगा। ब्रोकरों द्वारा निवेशकों के फंड के मनमाने इस्तेमाल को रोकने के लिए सेबी यह कदम उठा रहा है।  

नए नियम के तहत तिमाही के अंत में ग्राहक के ट्रेडिंग खाते में जितनी धन राशि बची होगी, ब्रोकर उसे चेक के जरिए लौटा देगा।इसके लिए हर तिमाही के अंत में ब्रोकर को सात दिन का अतिरिक्त समय मिलेगा, जिससे वह खाते का निपटान कर सके।
कुछ इस तरह की घटनाएं सामने आई थीं कि ब्रोकर ने निवेशकों को जानकारी दिए बगैर उनके शेयरों की खरीद-बिक्री की थी या मनमाने तरीके से उनके ट्रेडिंग फंड का उपयोग किया था। पिछले साल शेयर बाजार में जब तेज गिरावट आई थी तब भी कई निवेशकों ने ब्रोकरों पर अपने खातों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया था।

सेबी का कहना है कि निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। इससे ब्रोकर और ग्राहक के बीच वित्तीय लेन-देन का विवाद भी तीन माह के भीतर निपटा लिये जाएंगे। सेबी सूत्रों के मुताबिक हर वित्त वर्ष के अंत में ब्रोकर को निवेशक से खाता शेष की पुष्टि भी करानी होगी। यह मुद्दा हाल ही में सेंकेडरी मार्केट एडवाइजरी कमेटी के सामने लाया गया था।          

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