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पैंक्रिएटिक कैंसर

पैंक्रिएटिक कैंसर अग्नाश्य का कैंसर होता है। प्रत्येक वर्ष अमेरिका में 35,240 लोगों की इस बीमारी के कारण मौत हो जाती है। आंकड़ों के मुताबिक 5 प्रतिशत से कम लोग ही इस बीमारी से बच पाते हैं। इसे साइलेंट किलर भी कहा जता है, क्योंकि शुरुआत में इस कैंसर को लक्षणों के आधार पर पहचाना जाना मुश्किल होता है और बाद के लक्षण प्रत्येक व्यक्ति में अलग-अलग होते हैं। सामान्यत: इस कैंसर में एबडोमेन के ऊपरी हिस्से में दर्द होता है, भूख कम लगती है, तेजी से वजन कम होने की दिक्कत, पीलिया, नाक से खून आना, उल्टी जैसी शिकायत होती है। 
ज्यादा उम्र (60 से ऊपर) वाले पुरुषों में, धूम्रपान, खाने में सब्जियों और फल की कमी, मोटापा, मधुमेह, पारिवारिक इतिहास भी कई बार पैंक्रिएटिक कैंसर की वजह होते हैं। पैंक्रिएटिक कैंसर से पीड़ित ज्यादातर रोगियों को तेज दर्द, वजन कम होना और पीलिया जैसी बीमारियां होती हैं। डायरिया, एनोरेक्सिया, पीलिया वजन कम होने की मुख्य वजह होती है।

इलाज

पैंक्रिएटिक कैंसर का इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि यह कैंसर किस अवस्था में है। जरूरत के अनुसार रोगी की सजर्री या रेडियोथेरेपी या कीमोथेरेपी की जती है। अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के अनुसार अब तक इस कैंसर का पूरी तरह से इलाज संभव नहीं है, उनका कहना है कि 20 से 30 प्रतिशत पैंक्रिएटिक कैंसर की वजह ज्यादा धूम्रपान होता है। गौर करने वाली बात ये है कि यह कैंसर महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में ज्यादा होता है।

 

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