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झारखंड में नक्सली खौफ का असर डेढ़ दजर्न सड़क- पुल निर्माण बंद

सूबे में नक्सली खौफ का असर ऐसा है कि  डेढ़ दजर्न से अधिक महत्वपूर्ण ग्रामीण सड़क- पुलों पर काम बंद है। योजनाएं लटकी पड़ी हैं और इन्हें पूरा कराने के सवाल पर इंजीनियरों ने सरकार के सामने हाथ खड़े कर दिए हैं। कई योजनाओं में सरकार का लाखों रुपये लगा है।

उग्रवाद प्रभावित इलाकों में निर्माण कार्य बंद और योजनाओं के क्रियान्वयन में विलंब होने  से सड़क- पुल- पुलियों का नेटवर्किग खड़ा नहीं हो रहा। मामला सरकार के पास पहुंचा है। सरकार के सलाहकार जी कृष्णन ने टीपी सिन्हा को इस बाबत एक पत्र भेजकर स्थिति की जानकारी दी है।

इसमें कहा है कि उग्रवाद के कारण बंद योजनाओं को प्रशासनिक सुरक्षा देकर पूरा कराया जाना आवश्यक है। हाल ही में सरकार को यह भी जानकारी दी गई है कि उग्रवाद प्रभावित इलाकों से गुजरने वाली राष्ट्रीय उच्च पथों में जहां महीनों  टेंडर नहीं पड़ रहे वहीं ग्रामीण इलाकों में सालों से सड़कें नहीं बन रही।

ग्रामीण कार्य विभाग की समीक्षा में इंजीनियरों ने सरकार को बताया है कि डालटनगंज, गढ़वा, लातेहार, चतरा, गिरिडीह तथा चक्रधरपुर डिवीजन की डेढ़ दजर्न से अधिक ग्रामीण सड़क- पुलों पर काम बंद है। समीक्षा बैठकों में यह बात भी सामने आई है कि उग्रवाद प्रभावित इलाकों में योजना का निरीक्षण करना भी आसान नहीं रह गया है। 

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  • Web Title:नक्सली खौफ का असर डेढ़ दजर्न सड़क- पुल निर्माण बंद