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रीता का जुर्म साबित हुआ तो पांच साल तक की सजा

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डा.रीता बहुगुणा जोशी पर जो दफाएं लगी हैं, उनमें अधिकतम पांच साल तक की सजा हो सकती है। मुरादाबाद के मझोला थाने में जोशी के खिलाफ केस संख्या 604/9 में धारा 153, 153 ए, 504, 505(2), 509 आईपीसी, 7 क्रिमिनल लॉ एमेन्डमेंट एक्ट और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
आपराधिक धाराएं और अधिकतम सजा
1-153-दंगा भड़काने वाली बात, कृत्य या भाषण देना-दंगा होता है तो एक साल की सजा या जुर्माना अथवा दोनों, दंगा नहीं होता है तो छह माह या जुर्माना अथवा दोनों
2-153 ए-दो या विभिन्न सम्प्रदायों के बीच विद्वेष पैदा करने वाला कृत्य या भाषण-सजा अधिकतम तीन वर्ष व जुर्माना
3-504 -शांति भंग करने का कृत्य- जमानती, अधिकतम सजा दो साल
4-505 .2.-विभिन्न वर्गो में शत्रुता व घृणा पैदा करने वाला वक्तव्य देना- सजा अधिकतम तीन वर्ष
5-किसी महिला की अस्मिता या लज्जा के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी या इशारा करना-सजा अधिकतम एक वर्ष व जुर्माना
5- 7 क्रिमिनल लॉ एमेन्डमेंट एक्ट-समाज में दहशत पैदा करने वाला कृत्य करना, आईपीसी की अन्य धाराओं के साथ जुड़ने से मामला काफी गंभीर हो जाता है, जमानत होने की प्रक्रिया काफी कठिन हो जाती है
6-एससी-एसटी एक्ट- अनुसूचित जाति व जनजाति के लोगों पर होने वाले अत्याचरों को रोकने के लिए 23 धाराओं का एक कठोर अधिनियम-सजा न्यूनतम छह माह से लेकर अधिकतम पांच वर्ष तक

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  • Web Title:रीता का जुर्म साबित हुआ तो पांच साल की सजा