अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अब कम पानी में भी लहराएगी धान की फसल

धान के उत्पादकों के लिए खुशखबरी है। भले ही पर्याप्त वर्षा नहीं होने के चलते हर तरफ हाहाकार मचा है। लेकिन इंडियन एग्रीकल्चर रिसर्च इंस्टीटयूट के वज्ञानिकों ने सूखे में भी धान उपजने की तोड़ निकाल ली है। उन्होने धान की ऐसी हाइब्रिड किस्म ईजाद की है। जिसके उत्पादन में 75 प्रतिशत कम पानी की जरुरत पड़ती है। इसे 5 अगस्त के बाद लगाया जा सकेगा। हरियाणा के किसान इस किस्म को हिसार के राष्ट्रीय बीज निगम व दिल्ली के एग्रीकल्चर इंस्टीटयूट से प्राप्त कर सकते हैं।


इंडियन एग्रीकल्चर रिसर्च इंस्टीटयूट वज्ञानिक डॉ. जेके एस डबास ने बताया कि अब किसानों को धान के लिए पानी की कमी को लेकर डरने की जरुरत नहीं। पूसा संकल्प 10 के नाम से इसकी नई किस्म की खोज की गई है। इसका वितरण भी शुरु हो गया है। वह कहते हैं कि जहां किसानों को धान की अन्य किस्मों को  4 सेंटीमीटर तक पानी में 25 दिनों तक डुबा कर रखना पड़ता है। इसके अलावा खेत में पानी भरकर ट्रैक्टर चलाना, जोत, रोपाई भी करना पड़ता है। नई किस्म के धान की खेती के लिए किसानों को यह सब करने की जरुरत नहीं। इसके लिए एक सेंटीमीटर पानी ही काफी है। वो भी मात्र 14 दिनों के लिए। कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर सुरेंद्र यादव का कहना है कि धान की नई किस्म के बारे में किसानों को बताया जा रहा है।

पूसा संकल्प 10    अन्य किस्म
1 सेंटीमीटर तक पानी    4 सेंटी मीटर तक
रोपाई की जरुरत नहीं   रोपाई आवश्यक
55 से 110 दिन में तैयार        110 दिन से अधिक समय में तैयार
 पौध तैयार 14 दिन   25 से 30 दिन

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:अब कम पानी में भी लहराएगी धान की फसल